ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्ट जोन को 13 साल बाद खिताब दिलाया। साउथ जोन के खिलाफ फाइनल मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन चैंपियन बना।
कप्तान ईशान किशन ने खिताबी मुकाबले में बल्ले से भी बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने पहली पारी में 270 रन की दमदार पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में 80 रन बनाए। इस जीत के साथ ही ईशान ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी का एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
ईस्ट जोन कैसे बना चैंपियन?
ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और ईशान किशन के दोहरे शतक की मदद से पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की बड़ी बढ़त मिली।
इसके बाद ईस्ट जोन ने साउथ जोन को फॉलोऑन देने के बजाय दूसरी पारी में खुद बल्लेबाजी की और सात विकेट पर 388 रन बनाए। मुकाबला ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया।
कप्तान के तौर पर ईशान का बड़ा रिकॉर्ड
ईशान किशन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तान के रूप में लगातार 16 मुकाबलों से अजेय हैं। इन 16 मैचों में उनकी टीम ने आठ जीत दर्ज की हैं, जबकि आठ मुकाबले ड्रॉ रहे। इस दौरान टीम को एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा।
इस उपलब्धि के साथ ईशान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तान के तौर पर सबसे लंबे अजेय क्रम वाले खिलाड़ियों की खास सूची में शामिल हो गए हैं। उनका 16 मैचों का अजेय सिलसिला संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर है।
इस सूची में श्रीलंका के महिंदा हलंगोडा शीर्ष पर हैं। उनकी कप्तानी में टीम 1989 से 1993 के बीच लगातार 30 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में अजेय रही थी।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी का सबसे लंबा अजेय क्रम
| खिलाड़ी | शुरुआत | अंत | मैच | जीत | हार | ड्रॉ |
|---|---|---|---|---|---|---|
| महिंदा हलंगोडा | 1989 | 1993 | 30 | 15 | 0 | 15 |
| मिलिंद गुंजाल | 1978 | 1992 | 24 | 3 | 0 | 21 |
| तौफीक उमर | 2007 | 2016 | 20 | 12 | 0 | 8 |
| उपुल चंदना | 1999 | 2007 | 20 | 12 | 0 | 8 |
| बृजेश पटेल | 1975 | 1987 | 19 | 5 | 0 | 14 |
| लक्षण एडिरिसिंघे | 2022 | 2023 | 19 | 3 | 0 | 16 |
| उदारा जयसुंदरा | 2011 | 2017 | 17 | 6 | 0 | 11 |
| सचित्रा सेरासिंघे | 2012 | 2013 | 16 | 8 | 0 | 8 |
| ईशान किशन | 2018 | 2026* | 16 | 8 | 0 | 8 |
| राजिंदर सिंह घई | 1986 | 1988 | 16 | 7 | 0 | 9 |
| लक्ष्मीदास जाल | 1934 | 1941 | 16 | 7 | 0 | 9 |
बल्ले और कप्तानी दोनों में चमके ईशान
फाइनल में ईशान किशन का प्रदर्शन ईस्ट जोन की जीत का सबसे बड़ा कारण रहा। पहली पारी में उनकी 270 रन की पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जबकि दूसरी पारी में 80 रन बनाकर उन्होंने बढ़त को और मजबूत किया।
दलीप ट्रॉफी का खिताब जीतने के साथ ईशान ने यह भी दिखाया कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।

