मुंबई के समुद्र में लगेंगे विज्ञापन वाले फ्लोटिंग होर्डिंग? आदित्य ठाकरे ने CM फडणवीस से की रोकने की मांग
Yuva India: मुंबई में अब समुद्र के किनारे ही नहीं, बल्कि पानी में भी विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के करीब 20 स्थानों पर फ्लोटिंग विज्ञापन बार्ज और होर्डिंग लगाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य विज्ञापनों से राजस्व जुटाकर बंदरगाहों और जल परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास करना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस योजना को रोकने की मांग की है।
आदित्य ठाकरे का कहना है कि मुंबई पहले ही प्रदूषण और अत्यधिक रोशनी वाली विज्ञापन स्क्रीन की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में समुद्र में भी विज्ञापन लगाने से शहर की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित होगी। उन्होंने इस फैसले को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
किन जगहों पर लगाए जा सकते हैं फ्लोटिंग होर्डिंग ?
महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की योजना के तहत मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में कई प्रमुख समुद्री तटों, जेटी और जलमार्गों के पास विज्ञापन लगाने का प्रस्ताव है। इनमें जुहू बीच, लोटस जेटी, वर्ली में बांद्रा-वर्ली सी लिंक जेटी के आसपास के क्षेत्र, कार्टर रोड और मार्वे जेटी जैसे स्थान शामिल हैं।
इस योजना में पानी पर तैरने वाले बार्ज पर विज्ञापन लगाने के साथ कुछ स्थानों पर सामान्य और रोशनी वाले होर्डिंग लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। बोर्ड ने विज्ञापन एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर जारी किए हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी स्थानों पर विज्ञापन लग चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन के लिए संबंधित प्रक्रियाओं और जरूरी मंजूरियों का पूरा होना अहम होगा।
सरकार को कैसे होगी कमाई ?
महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड का उद्देश्य अपनी समुद्री संपत्तियों और तटीय स्थानों का व्यावसायिक इस्तेमाल करके आय का नया स्रोत तैयार करना है। इसके तहत चयनित एजेंसियां विज्ञापन ढांचे को तैयार करने, लगाने, संचालित करने और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी।
महाराष्ट्र के बंदरगाह एवं मत्स्य पालन मंत्री नीतेश राणे के अनुसार, बोर्ड पहले विज्ञापनों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने तक सीमित था। नई व्यवस्था के तहत वह विज्ञापन अधिकारों से सीधे राजस्व हासिल कर सकेगा। सरकार का पक्ष है कि इससे बंदरगाह सुविधाओं और जल परिवहन से जुड़े विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध हो सकता है।
आदित्य ठाकरे ने क्यों जताई आपत्ति ?
आदित्य ठाकरे ने 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण मुंबई के कई हिस्सों से समुद्र का साफ नजारा देखना पहले ही मुश्किल हो गया है। ऐसे में समुद्र के सामने विज्ञापन लगाने से लोगों के प्राकृतिक दृश्य देखने के अनुभव पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने रात के समय तेज रोशनी वाली LED स्क्रीन को नियंत्रित करने और शहर में होर्डिंग की संख्या सीमित करने की जरूरत भी बताई। ठाकरे का आरोप है कि इस तरह की योजना शहर की सुंदरता के बजाय विज्ञापन ठेकेदारों के हितों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस फैसले को रोकने की मांग की है।
पर्यावरण और समुद्री जीवों पर भी चिंता
इस योजना को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिक समूहों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि समुद्र के पास तेज रोशनी वाले विज्ञापन लगाने से प्रकाश प्रदूषण बढ़ सकता है। इसका असर समुद्री जीवों, पक्षियों और तटीय पारिस्थितिकी पर पड़ने की आशंका है।
रात में कृत्रिम रोशनी कुछ समुद्री जीवों के भोजन खोजने, प्रवास और प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, समुद्र तटों और खुले सार्वजनिक स्थानों का प्राकृतिक स्वरूप भी बदल सकता है।
महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (MCZMA) की ओर से प्रस्तावित विज्ञापन ढांचों के लिए तटीय विनियमन क्षेत्र यानी CRZ से जुड़ी मंजूरियों की कमी पर भी सवाल उठाए जाने की खबरें सामने आई हैं। दूसरी ओर, मंत्री नीतेश राणे का कहना है कि विज्ञापन ढांचे लागू नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
अब आगे क्या होगा ?
मुंबई में फ्लोटिंग होर्डिंग लगाने की योजना ने राजस्व बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के बीच बहस छेड़ दी है। एक तरफ सरकार इससे बुनियादी ढांचे के लिए कमाई का रास्ता देख रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक नेताओं, पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों को शहर की सुंदरता और समुद्री जीवन पर असर पड़ने की चिंता है।
अब इस योजना का भविष्य जरूरी मंजूरियों, नियामकीय प्रक्रिया और सरकार के अगले कदमों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, समुद्र में विज्ञापन लगाने का प्रस्ताव चर्चा में है और इसे लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
