World First Aid Day 2026: घर, ऑफिस या सड़क पर अचानक चोट लगने, जलने, कटने या किसी के बेहोश होने जैसी स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। सही समय पर दी गई प्राथमिक मदद स्थिति को बिगड़ने से रोक सकती है।
हालांकि, जानकारी की कमी में लोग कई बार ऐसे घरेलू नुस्खे अपना लेते हैं, जो राहत देने के बजाय नुकसान बढ़ा सकते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि जलने जैसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
जलने पर ठंडा पानी डालना सही है?
जलने के बाद सबसे पहले व्यक्ति को आग, गर्म वस्तु या गर्मी के स्रोत से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए।
इसके बाद जले हुए हिस्से को करीब 20 मिनट तक सामान्य ठंडे बहते पानी के नीचे रखा जा सकता है। पानी इतना ठंडा नहीं होना चाहिए कि त्वचा सुन्न होने लगे।
सीधे बर्फ लगाने या बेहद ठंडे पानी का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे प्रभावित त्वचा और ऊतकों को अतिरिक्त नुकसान हो सकता है।
अगर कपड़ा जलकर त्वचा से चिपक गया है तो उसे जबरदस्ती खींचने की कोशिश न करें। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय मदद लेना बेहतर होता है।
जलने पर ये गलतियां न करें
1. सीधे बर्फ लगाने से बचें
जलने के बाद तुरंत बर्फ लगाने से कुछ देर ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन इससे त्वचा पर ठंड से होने वाली चोट का खतरा बढ़ सकता है।
बेहतर है कि जले हिस्से को सामान्य ठंडे बहते पानी से ठंडा किया जाए।
2. टूथपेस्ट, घी या तेल न लगाएं
जलने पर टूथपेस्ट, घी, मक्खन या तेल लगाने की सलाह अक्सर घरेलू नुस्खे के तौर पर दी जाती है, लेकिन ये मानक फर्स्ट एड का हिस्सा नहीं हैं।
ऐसी चीजें लगाने से घाव को साफ रखना मुश्किल हो सकता है और बाद में इलाज में परेशानी आ सकती है।
3. छालों को खुद न फोड़ें
जलने के बाद त्वचा पर छाले बन सकते हैं। इन्हें खुद से फोड़ने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
छाले को सुरक्षित रहने दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
4. चिपकी चीज को जबरन न हटाएं
अगर कपड़ा या कोई दूसरी चीज जली हुई त्वचा से चिपकी है तो उसे खींचकर निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
ऐसा करने से त्वचा को और नुकसान पहुंच सकता है।
कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?
हर बर्न इंजरी का इलाज केवल घर पर नहीं किया जा सकता। अगर जलन गहरी हो, शरीर का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो या चेहरा, हाथ, पैर, जननांग अथवा बड़े जोड़ जले हों तो तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
बिजली या केमिकल से जलने, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी या गंभीर दर्द की स्थिति में भी देर नहीं करनी चाहिए।
फर्स्ट एड का असली उद्देश्य क्या है?
प्राथमिक उपचार का उद्देश्य चोट का पूरा इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज को शुरुआती राहत देना और स्थिति को गंभीर होने से बचाना है।
ऐसे में जलने पर सबसे सुरक्षित शुरुआती कदम प्रभावित हिस्से को सामान्य ठंडे बहते पानी से ठंडा करना और गंभीर स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर तक पहुंचना है।
नोट: यह लेख सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। गंभीर जलने, तेज दर्द या अन्य चिंताजनक लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

