वजन बढ़ने की वजह सिर्फ ज्यादा खाना नहीं होती। सुबह की गलत शुरुआत, दिनभर बैठे रहना, बार-बार स्नैकिंग करना, मीठे पेय पीना, देर रात खाना और नींद की कमी भी धीरे-धीरे वजन बढ़ा सकती है।
अधिक वजन और मोटापा केवल शरीर की बनावट को प्रभावित नहीं करते, बल्कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी कई समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि वजन नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ डाइट नहीं, बल्कि पूरी दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है।
सिर्फ खाना नहीं, पूरी लाइफस्टाइल करती है असर
जब वजन बढ़ने की बात होती है तो सबसे पहले मीठा, तला-भुना या हाई-कैलोरी खाना याद आता है। लेकिन शरीर का वजन कई दूसरी चीजों से भी प्रभावित होता है।
शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव, कुछ दवाएं, हार्मोन और आनुवंशिक कारण भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
इसलिए अगर वजन लगातार बढ़ रहा है तो केवल खाना कम करना हर बार पर्याप्त नहीं होता। पूरे दिन की आदतों में बदलाव करना ज्यादा असरदार हो सकता है।
सुबह लंबे समय तक भूखे रहना
कुछ लोग सुबह उठने के बाद कई घंटे तक कुछ नहीं खाते। बाद में तेज भूख लगने पर वे एक साथ ज्यादा मात्रा में खाना खा लेते हैं।
ऐसी स्थिति में कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है और दिनभर खाने पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो सकता है।
सुबह संतुलित नाश्ता करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल हों तो लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है।
मीठे पेय से दिन की शुरुआत
सुबह चाय या कॉफी में ज्यादा चीनी, पैकेज्ड जूस, मीठे शेक या बिस्कुट जैसी चीजें लेने से दिन की शुरुआत में ही अतिरिक्त कैलोरी जुड़ सकती है।
ऐसी कैलोरी अक्सर पेट भरने का एहसास भी नहीं देतीं, इसलिए व्यक्ति बाद में सामान्य मात्रा में खाना भी खाता रहता है।
अगर वजन नियंत्रित करना है तो मीठे पेय कम करना एक आसान बदलाव हो सकता है।
लंबे समय तक बैठे रहना
ऑफिस, पढ़ाई या मोबाइल-टीवी की वजह से कई लोग दिन का बड़ा हिस्सा बैठे-बैठे बिताते हैं।
शारीरिक निष्क्रियता सिर्फ वजन बढ़ने से ही नहीं, बल्कि मेटाबॉलिक और हृदय संबंधी समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है।
अगर रोज जिम जाना संभव नहीं है तो भी लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचा जा सकता है।
हर कुछ समय बाद उठना, थोड़ी देर पैदल चलना, सीढ़ियां लेना और घरेलू काम करना भी रोज की गतिविधि बढ़ाने में मदद करता है।
बार-बार स्नैकिंग भी बढ़ा सकती है कैलोरी
दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहना कई बार बिना ध्यान दिए कुल कैलोरी बढ़ा देता है।
चिप्स, बिस्कुट, नमकीन, मिठाई और मीठे पेय जैसी चीजें कम मात्रा में भी बार-बार लेने पर असर डाल सकती हैं।
भूख लगने पर फल, दही, नट्स या दूसरी पौष्टिक चीजें चुनना बेहतर हो सकता है।
देर रात खाना भी बन सकता है समस्या
रात में बहुत देर से भारी भोजन करना और उसके तुरंत बाद सो जाना कई लोगों की आम आदत बन गई है।
समस्या सिर्फ समय की नहीं, बल्कि देर रात हाई-कैलोरी या तला-भुना खाना खाने की होती है। इससे कुल कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है और नींद भी प्रभावित हो सकती है।
नींद की कमी का भी असर
कम नींद को अक्सर वजन से जोड़कर नहीं देखा जाता, लेकिन पर्याप्त नींद न मिलने पर भूख और खाने की इच्छा को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं।
थकान की वजह से अगले दिन शारीरिक गतिविधि भी कम हो सकती है और मीठा या हाई-कैलोरी खाना खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
वजन कंट्रोल के लिए क्या करें?
वजन कम या नियंत्रित रखने के लिए एक ही उपाय पर निर्भर रहने के बजाय पूरी दिनचर्या को सुधारना जरूरी है।
समय पर खाना, संतुलित नाश्ता, मीठे पेय कम करना, दिनभर सक्रिय रहना, देर रात भारी भोजन से बचना और पर्याप्त नींद लेना लंबे समय में ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। अगर वजन अचानक बढ़ रहा हो या किसी बीमारी, दवा या हार्मोन से जुड़ी समस्या का शक हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

