Yuva India: निर्वाचन आयोग में मतभेद के खुलासे के बाद देश में राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है। विपक्ष और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने देश की पारदर्शी मतदान व्यवस्था को नष्ट कर दिया है। राहुल गांधी ने CEC से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने और मामले में ‘सरकारी गवाह’ बनने को कहा, ताकि चुनाव में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो सके।
इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी सहित सभी दिग्गज नेताओं ने सत्ता-विरोधी रुझान (एंटी-इनकंबेंसी) का सामना किया। लेकिन मोदी, शाह और भाजपा के मामले में सत्ता-विरोधी रुझान पूरी तरह गायब हो गया है, जो बेहद असामान्य है। ऐसा सिर्फ सद्दाम हुसैन के इराक या उत्तर कोरिया में ही होता है,” राहुल गांधी ने कहा।
चुनाव आयोग के फैसलों पर भी सवाल
यह विवाद चुनाव आयोग की चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों पर सामने आई एक रिपोर्ट के बाद बढ़ा है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर करीब 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
सीजेपी का 48 घंटे का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में पद नहीं छोड़ा गया तो जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन (जंतर-मंतर 2.0) शुरू किया जाएगा।
गोवा में 97 मतदाताओं का मामला
इसी विवाद के बीच गोवा की मतदाता सूची से जुड़े एक मामले ने भी ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के अनुसार, SIR के दौरान 97 मतदाताओं के मामलों की जांच के बाद स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने उन्हें योग्य माना था, लेकिन अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल नहीं हो सके। रिपोर्ट में इसका कारण ECINet सिस्टम में पुराने फैसले को वापस लेने का विकल्प उपलब्ध न होना बताया गया है।
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने फरवरी में इस तकनीकी समस्या को लेकर चुनाव आयोग को सात दिनों में आठ ईमेल भेजे थे। इसके बावजूद 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची में इन 97 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हुए।
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीतिक विरोध के तौर पर बताया है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से चुनावी हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है।
