Tuesday, 27 Oct 2026
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • भारत
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • स्वास्थ्य
Subscribe
Yuva India
  • होम पेज
  • विशेष
  • फ़ाइनेंस
  • मनोरंजन
  • सोशल-वायरल
    • अपराध-अनहोनी
    • खेल
    • भारत
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • विदेश
    • स्वास्थ्य
  • 🔥
  • अपराध-अनहोनी
  • भारत
  • विशेष
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • खेल
  • विदेश
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • सोशल-वायरल
  • मनोरंजन
Yuva IndiaYuva India
  • भारत
  • विदेश
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • मनोरंजन
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
Search
  • Categories
    • विदेश
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • भारत
    • स्वास्थ्य
    • खेल
Follow US
© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
फ़ाइनेंसभारतविशेष

मोबाइल-टीवी खरीदने के लिए कर्ज 45% बढ़ा

Bhawana Vats
Last updated: October 20, 2026 11:35 am
Bhawana Vats
Share
SHARE

मोबाइल, टीवी और फ्रिज खरीदने के लिए कर्ज सालभर में 45% बढ़ा, घरेलू उपकरणों पर लोन लेने का चलन तेज, क्रेडिट कार्ड के मुकाबले पर्सनल लोन और होम लोन में भी बढ़ा बकाया; दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया करीब 88 हजार रुपये बढ़ा

Contents
घरेलू उपकरणों के कर्ज में सबसे तेज उछालवाहन और पर्सनल लोन में भी बढ़ा बकायाक्रेडिट कार्ड के बकाया में सबसे कम वृद्धिदो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया 88 हजार रुपये बढ़ाआसान किस्तों के साथ वित्तीय सावधानी जरूरी

Yuva India: देश में मोबाइल, टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरण खरीदने के लिए कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। क्रेडिट ब्यूरो क्रिफ की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू उपकरणों के लिए लिए गए कर्ज का बकाया अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 45.3 प्रतिशत बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह अगस्त 2025 में 89 हजार करोड़ रुपये और अगस्त 2024 में 82 हजार करोड़ रुपये था। आंकड़े बताते हैं कि घरेलू उपकरणों की खरीद के लिए कर्ज पर निर्भरता बढ़ रही है।

कर्ज की अलग-अलग श्रेणियों में वृद्धि की रफ्तार अलग-अलग रही। घरेलू उपकरणों के कर्ज में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि क्रेडिट कार्ड के बकाया में वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।

घरेलू उपकरणों के कर्ज में सबसे तेज उछाल

अगस्त 2025 में घरेलू उपकरणों के लिए बकाया कर्ज 0.89 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह सालभर में इसमें 45.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अगस्त 2024 में यह बकाया 0.82 लाख करोड़ रुपये था। यानी दो साल में घरेलू उपकरणों के लिए कर्ज का बकाया काफी बढ़ा है। मोबाइल, टीवी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की खरीद में आसान किस्तों और वित्तीय योजनाओं की भूमिका इस रुझान से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि वृद्धि का कितना हिस्सा नई खरीद, कितने नए कर्जदारों या पुराने कर्ज के बकाया से आया है।

वाहन और पर्सनल लोन में भी बढ़ा बकाया

अगस्त 2025 में यह 8.49 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 10.01 लाख करोड़ रुपये हो गया। सालाना आधार पर इसमें 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पर्सनल लोन का बकाया अगस्त 2025 के 15.19 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त 2026 में 17.28 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 13.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

होम लोन के मामले में बकाया अगस्त 2025 में 41.65 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 46.07 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि घरेलू जरूरतों, आवास और वाहन खरीद जैसे क्षेत्रों में कर्ज का आकार बढ़ रहा है।

क्रेडिट कार्ड के बकाया में सबसे कम वृद्धि

क्रेडिट कार्ड के बकाया में अन्य प्रमुख श्रेणियों की तुलना में धीमी वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2025 में यह 3.39 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 3.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें केवल 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

गोल्ड लोन का बकाया भी बढ़ा है। अगस्त 2025 में यह 1.69 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया 88 हजार रुपये बढ़ा

दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया लगभग 4.82 लाख रुपये से बढ़कर 5.70 लाख रुपये हो गया। इस तरह औसत बकाया करीब 88 हजार रुपये बढ़ा है।

कर्ज लेने वालों की श्रेणियों में बदलाव देखने को मिला है। छोटे शहरों की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ बड़े शहरों में भी कर्ज का चलन बना हुआ है। महिलाओं की हिस्सेदारी में वृद्धि और युवा कर्जदारों के रुझान में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है।

आसान किस्तों के साथ वित्तीय सावधानी जरूरी

मोबाइल, टीवी और फ्रिज जैसे उत्पादों को किस्तों पर खरीदना ग्राहकों के लिए भुगतान आसान बना सकता है। लेकिन कर्ज लेते समय ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, कुल भुगतान और किस्त चुकाने की क्षमता को समझना जरूरी है। कई छोटे-छोटे कर्ज मिलकर घरेलू बजट पर दबाव डाल सकते हैं।

कुल मिलाकर, घरेलू उपकरणों के लिए कर्ज के बकाया में 45.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि उपभोक्ता ऋण बाजार में आए बदलाव को दर्शाती है। हालांकि, कर्ज का बढ़ना अपने आप में आर्थिक परेशानी का प्रमाण नहीं है। वास्तविक स्थिति समझने के लिए आय, भुगतान क्षमता, कर्ज चुकाने की समयसीमा और डिफॉल्ट के आंकड़ों को भी देखना जरूरी होगा।

TAGGED:consumer creditcredit card outstanding balancesCRIF reportsdebt statisticsEMIhome loansIndia's economyLoans for household appliancesloans for purchasing mobile phonesloans for TVs and refrigeratorspersonal loansvehicle loansउपभोक्ता ऋणकर्ज के आंकड़ेक्रिफ रिपोर्टक्रेडिट कार्ड बकायाघरेलू उपकरण लोनटीवी फ्रिज लोनपर्सनल लोनभारत की अर्थव्यवस्थामोबाइल खरीदने के लिए लोनवाहन लोनहोम लोन
Share This Article
Email Copy Link Print
Bhawana Vats
ByBhawana Vats
Follow:
I am Bhawana Vats, a young and aspiring news professional with an interest in covering a wide range of important developments across politics, governance, society, education, business, public affairs, culture, sports and current affairs. Skilled in gathering information from official sources, press releases and credible reports and presenting it in a clear, concise and reader-friendly format. With an eye for emerging stories and issues of public interest, the focus is on accurate, timely and balanced news reporting. The role involves tracking major developments, verifying key information, developing news stories and ensuring that important issues from across the region receive appropriate coverage. The approach combines curiosity, attention to detail and an understanding of what matters to readers, with a commitment to responsible and factual journalism.
Previous Article कोलकाता दुर्गा पूजा: चोर बागान पंडाल में भगदड़ के बाद जारी हुई नई गाइडलाइंस, जाने क्या-क्या बदले नियम
Next Article पैरा एशियाई खेलों में भारत का शानदार आगाज, पहले दिन 11 पदक जीते
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
Ad image

You Might Also Like

भारतविशेष

भारत में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, वर्ल्ड बैंक के आंकड़े

By Bhawana Vats
मनोरंजनभारत

फिल्मों में आस्था का दौर: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद सालभर में आएंगे करीब 10 धार्मिक प्रोजेक्ट

By Bhawana Vats
भारत

₹504 करोड़ IDFC बैंक घोटाला: बैंक खातों से हवाला तक, CBI ने IAS अधिकारी के बेटे तक तलाशा ₹2 करोड़ का ट्रेल

By Khushi Mukhija
विशेषभारत

प्याज के दाम 10% बढ़े, नई फसल में देरी

By Bhawana Vats
Yuva India
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

Yuva India News


 एक भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जहां देश-दुनिया, राजनीति, समाज, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और युवाओं से जुड़े मुद्दों की ताज़ा और उपयोगी खबरें सरल भाषा में प्रस्तुत की जाती हैं। हमारा उद्देश्य है पाठकों तक तेज, स्पष्ट और जिम्मेदार पत्रकारिता पहुंचाना।

Top Categories
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • फ़ाइनेंस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • विशेष
  • सोशल-वायरल
  • स्वास्थ्य
Usefull Links
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Advertising & Sponsored Content Policy
  • Contact
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Terms and Conditions

© Yuva India News Network. All Rights Reserved.

© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?