मोबाइल, टीवी और फ्रिज खरीदने के लिए कर्ज सालभर में 45% बढ़ा, घरेलू उपकरणों पर लोन लेने का चलन तेज, क्रेडिट कार्ड के मुकाबले पर्सनल लोन और होम लोन में भी बढ़ा बकाया; दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया करीब 88 हजार रुपये बढ़ा
Yuva India: देश में मोबाइल, टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरण खरीदने के लिए कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। क्रेडिट ब्यूरो क्रिफ की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू उपकरणों के लिए लिए गए कर्ज का बकाया अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 45.3 प्रतिशत बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह अगस्त 2025 में 89 हजार करोड़ रुपये और अगस्त 2024 में 82 हजार करोड़ रुपये था। आंकड़े बताते हैं कि घरेलू उपकरणों की खरीद के लिए कर्ज पर निर्भरता बढ़ रही है।
कर्ज की अलग-अलग श्रेणियों में वृद्धि की रफ्तार अलग-अलग रही। घरेलू उपकरणों के कर्ज में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि क्रेडिट कार्ड के बकाया में वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।
घरेलू उपकरणों के कर्ज में सबसे तेज उछाल
अगस्त 2025 में घरेलू उपकरणों के लिए बकाया कर्ज 0.89 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 1.29 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस तरह सालभर में इसमें 45.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अगस्त 2024 में यह बकाया 0.82 लाख करोड़ रुपये था। यानी दो साल में घरेलू उपकरणों के लिए कर्ज का बकाया काफी बढ़ा है। मोबाइल, टीवी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की खरीद में आसान किस्तों और वित्तीय योजनाओं की भूमिका इस रुझान से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि वृद्धि का कितना हिस्सा नई खरीद, कितने नए कर्जदारों या पुराने कर्ज के बकाया से आया है।
वाहन और पर्सनल लोन में भी बढ़ा बकाया
अगस्त 2025 में यह 8.49 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 10.01 लाख करोड़ रुपये हो गया। सालाना आधार पर इसमें 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पर्सनल लोन का बकाया अगस्त 2025 के 15.19 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अगस्त 2026 में 17.28 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 13.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
होम लोन के मामले में बकाया अगस्त 2025 में 41.65 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 46.07 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये आंकड़े बताते हैं कि घरेलू जरूरतों, आवास और वाहन खरीद जैसे क्षेत्रों में कर्ज का आकार बढ़ रहा है।
क्रेडिट कार्ड के बकाया में सबसे कम वृद्धि
क्रेडिट कार्ड के बकाया में अन्य प्रमुख श्रेणियों की तुलना में धीमी वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2025 में यह 3.39 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 3.43 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें केवल 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
गोल्ड लोन का बकाया भी बढ़ा है। अगस्त 2025 में यह 1.69 लाख करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया 88 हजार रुपये बढ़ा
दो साल में प्रति कर्जदार औसत बकाया लगभग 4.82 लाख रुपये से बढ़कर 5.70 लाख रुपये हो गया। इस तरह औसत बकाया करीब 88 हजार रुपये बढ़ा है।
कर्ज लेने वालों की श्रेणियों में बदलाव देखने को मिला है। छोटे शहरों की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ बड़े शहरों में भी कर्ज का चलन बना हुआ है। महिलाओं की हिस्सेदारी में वृद्धि और युवा कर्जदारों के रुझान में बदलाव का भी उल्लेख किया गया है।
आसान किस्तों के साथ वित्तीय सावधानी जरूरी
मोबाइल, टीवी और फ्रिज जैसे उत्पादों को किस्तों पर खरीदना ग्राहकों के लिए भुगतान आसान बना सकता है। लेकिन कर्ज लेते समय ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, कुल भुगतान और किस्त चुकाने की क्षमता को समझना जरूरी है। कई छोटे-छोटे कर्ज मिलकर घरेलू बजट पर दबाव डाल सकते हैं।
कुल मिलाकर, घरेलू उपकरणों के लिए कर्ज के बकाया में 45.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि उपभोक्ता ऋण बाजार में आए बदलाव को दर्शाती है। हालांकि, कर्ज का बढ़ना अपने आप में आर्थिक परेशानी का प्रमाण नहीं है। वास्तविक स्थिति समझने के लिए आय, भुगतान क्षमता, कर्ज चुकाने की समयसीमा और डिफॉल्ट के आंकड़ों को भी देखना जरूरी होगा।
