Yuva India: शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव और गिरावट के बावजूद म्यूचुअल फंड उद्योग ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। जुलाई-अगस्त महीने के दौरान म्यूचुअल फंड कंपनियों का औसतन क्यूएयूएम (QAAUM) लगभग 5% बढ़कर ₹87.2 लाख करोड़ के स्तर पर पहुँच गया। यह पिछले तीन तिमाहियों में दर्ज की गई सबसे तेज ग्रोथ है।
मुख्य बिंदु
एसआईपी (SIP) और कॉरपोरेट निवेश का दबदबा: एयूएम में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी का सबसे मुख्य कारण लगातार बढ़ता एसआईपी निवेश और संस्थागत (कॉरपोरेट) फंड्स का प्रवाह रहा।
इक्विटी में मजबूत भरोसा: बाजार में गिरावट के बावजूद निवेशकों ने इक्विटी स्कीम्स में भारी रुचि दिखाई। केवल जुलाई-अगस्त के दौरान सभी कैटेगरी में कुल ₹2.8 लाख करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ, जिसमें एक्टिव इक्विटी फंड्स का हिस्सा करीब ₹54,000 करोड़ रहा।
डेट फंड्स में कॉरपोरेट नकदी: छोटी अवधि के संस्थागत निवेशकों ने शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में भारी पैसा लगाया, जिससे औसतन एयूएम को बड़ा सहारा मिला।
शेयर बाजार गिरने के बावजूद क्यों बढ़ा AUM?
- अनुशासित एसआईपी निवेश: हर महीने नियमित रूप से आने वाली एसआईपी की रकम ने बाजार की उथल-पुथल के असर को काफी हद तक बेअसर कर दिया।
- सलेक्टिव गिरावट: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट मुख्य रूप से लार्जकैप सेगमेंट में और सितंबर के आखिरी दो हफ्तों में देखने को मिली, जबकि जुलाई का महीना पॉजिटिव बना हुआ था।
- कॉरपोरेट नकदी की आवक: कंपनियों और बड़े संस्थागत निवेशकों का पैसा शॉर्ट टर्म डेट फंड्स में आने से ओवरऑल AUM को मजबूती मिली।
SIP फोलियो में ऐतिहासिक उछाल
रिकॉर्ड नए खाते: जुलाई-अगस्त महीने में ही लगभग 11 लाख नए एसआईपी खाते जोड़े गए, जिससे देश में कुल एसआईपी खातों की संख्या 10.63 करोड़ पहुँच गई है।
नियमित निवेश: कुल खातों में से 9.90 करोड़ खातों से हर महीने नियमित निवेश हो रहा है।
कुल फोलियो: म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में जुलाई में 22.66 लाख नए फोलियो जुड़े, जिसके बाद कुल फोलियो संख्या 28.09 करोड़ हो गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 14.3% अधिक है।
विशेषज्ञ की राय
“इक्विटी फंड्स में आ रहे कुल निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा अकेले एसआईपी (SIP) के माध्यम से आ रहा है। शेयर बाजार में बड़ी हलचल के बीच भी रिटेल और संस्थागत निवेशकों का भरोसा बाजार पर कायम है।”— सुनील सुब्रमण्यम, संस्थापक एवं सीईओ, सेंस एंड सिंपल्सिसिटी
