Yuva India: पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने राष्ट्रीय टीम का कैंप अचानक छोड़ने के पीछे की पूरी कहानी बताई है। रोनाल्डो ने कहा कि कोच ने पहले उन्हें 30 मिनट खेलने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में वार्म-अप कराने के बावजूद मैदान पर नहीं उतारा। रोनाल्डो के मुताबिक, इसी वजह से उनका कोच पर भरोसा टूट गया।
रोनाल्डो ने बताया कि वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने राष्ट्रीय टीम छोड़ने का मन बना लिया था। हालांकि, पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष ने उनसे अपना फैसला बदलने की अपील की। इसके बाद नए कोच के आने पर रोनाल्डो ने टीम के साथ बने रहने का फैसला किया।
30 मिनट खेलने की बात कही थी
रोनाल्डो के मुताबिक, नॉर्वे के खिलाफ मैच से पहले कोच ने उनसे पूछा था कि क्या वह 30 मिनट खेलने के लिए फिट हैं। उन्होंने हामी भर दी। इसके बाद उन्हें बताया गया कि वह 30 मिनट खेलेंगे और दूसरे हाफ में उन्हें वार्म-अप कराया गया।
रोनाल्डो का कहना है कि वह काफी देर तक वार्म-अप करते रहे, लेकिन मैच में उन्हें उतारा नहीं गया। उन्होंने कहा कि कोच ने अपना वादा तोड़ दिया और इसी वजह से उनके और कोच के बीच विवाद गहरा गया।
जॉर्ज जीसस से भी हुई बात
नॉर्वे के खिलाफ मैच के करीब 48 घंटे बाद रोनाल्डो और कोच के बीच बातचीत हुई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच ने कथित तौर पर कहा कि रोनाल्डो से उन्हें नेशनल टीम में खेलने के लिए अनुरोध करने की जरूरत नहीं थी, बल्कि यह योजना खुद कोच ने बनाई थी।
रोनाल्डो के मुताबिक, यहीं उनका भरोसा दूसरी बार टूटा। उन्होंने जॉर्ज जीसस से साफ कहा था कि अगर कोच उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चाहते तो सीधे बता दें। रोनाल्डो ने बताया कि दोनों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हुई।
रोनाल्डो बोले- रिश्ते में सच सबसे जरूरी
कैंप छोड़ने के फैसले पर रोनाल्डो ने कहा कि रिश्ते में सबसे महत्वपूर्ण चीज सच है। उन्होंने कहा कि 25 साल के करियर में उन्होंने कभी किसी कोच की तकनीकी या रणनीतिक सोच को बदलने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक, वह कोच का सम्मान करते हैं, भले ही कोच उनके पक्ष में हो या नहीं।
रोनाल्डो ने यह भी कहा कि कैंप छोड़ने के फैसले पर उन्होंने माफी मांगी है। उन्होंने पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन से कोच के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि कप्तान होने के नाते उन्हें किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलनी चाहिए।
हालांकि, रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि वह पुर्तगाल से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं। उनका लक्ष्य अभी भी पुर्तगाल के लिए खेलना और जीतना है।
