अग्निपथ योजना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल पूरा, CAPF, राज्य पुलिस, रेलवे और रक्षा कंपनियों में रोजगार के अवसरों पर नजर
Yuva India: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 तक अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करके सशस्त्र बलों से बाहर हो जाएंगे। नवंबर के मध्य से अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अब सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने इन युवाओं को दूसरी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की चुनौती है। रिपोर्ट के अनुसार, पहले बैच के करीब 24,400 अग्निवीरों में से लगभग 75 प्रतिशत सेवा से बाहर होंगे, जबकि शेष 25 प्रतिशत को नियमित सैन्य सेवा में आगे बने रहने का अवसर मिलेगा।
सेना, वायुसेना और नौसेना के अग्निवीर होंगे सेवामुक्त
अग्निपथ योजना की शुरुआत जून 2022 में हुई थी। इसके तहत सेना, वायुसेना और नौसेना में जवानों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की जाती है। इस अवधि के पूरा होने पर प्रदर्शन, आवश्यकता और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। बाकी अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता है।
पहले बैच में लगभग 19,000 अग्निवीर सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में भर्ती हुए थे। इन तीनों सेवाओं से बड़ी संख्या में अग्निवीरों के बाहर आने के साथ ही उनके भविष्य के रोजगार और कौशल के उपयोग पर चर्चा तेज हो गई है।
अग्निपथ योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों को युवा और शारीरिक रूप से सक्षम बनाए रखना है। हालांकि, चार साल बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले युवाओं के लिए स्थायी रोजगार तलाशना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज
चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी राशि लगभग 11.71 लाख रुपये होगी। इसमें अग्निवीरों के वेतन से किया गया करीब 5.02 लाख रुपये का योगदान भी शामिल है।
यह राशि उन्हें सेवा समाप्त होने के बाद आगे की पढ़ाई, कौशल विकास, स्वरोजगार या दूसरी नौकरी की तैयारी में आर्थिक मदद दे सकती है। हालांकि, सेवा निधि पैकेज को नियमित सैन्य सेवा से मिलने वाली पेंशन के समान नहीं समझना चाहिए। चार साल बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को सामान्य नियमित सैनिकों की तरह पेंशन और अन्य दीर्घकालिक सेवा लाभ स्वतः नहीं मिलते।
CAPF और राज्य पुलिस में नौकरी के अवसर
सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए दूसरे करियर के रास्ते तैयार करने के प्रयास किए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में BSF, CRPF, CISF, ITBP और असम राइफल्स जैसे संगठन शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन बलों में प्रवेश स्तर की 50 प्रतिशत रिक्तियों को पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित करने की व्यवस्था की घोषणा की जा चुकी है।
इसके अलावा, पूर्व अग्निवीर राज्य पुलिस, भारतीय रेलवे, तटरक्षक बल और रक्षा क्षेत्र के 16 सार्वजनिक उपक्रमों में उपलब्ध अवसरों के लिए भी पात्र हो सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक भर्ती में आयु सीमा, शारीरिक मानक, शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण और अन्य शर्तें संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार लागू होंगी।
हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों ने भी अपने पुलिस बलों में अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसरों की घोषणा की है। इससे सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करने का मौका मिल सकता है।
नए रोजगार के लिए प्रशिक्षण पर जोर
अग्निवीरों का प्रशिक्षण मुख्य रूप से सैन्य और युद्ध संबंधी कार्यों पर केंद्रित होता है। दूसरी ओर, पुलिस और CAPF में आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, नागरिकों से संवाद और अलग-अलग परिचालन प्रक्रियाओं की जरूरत होती है। इसी वजह से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को पूर्व अग्निवीरों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि भर्ती नियमों, प्रशिक्षण और उपलब्ध रिक्तियों के बीच तालमेल कैसे बनाया जाए, ताकि सेवामुक्त होने वाले युवाओं को रोजगार पाने में वास्तविक मदद मिल सके।
आगे क्या होगा?
पहले बैच के अग्निवीरों का सेवामुक्त होना अग्निपथ योजना के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। आने वाले महीनों में यह देखना होगा कि कितने युवाओं को नियमित सैन्य सेवा में बरकरार रखा जाता है और सेवामुक्त होने वाले कितने अग्निवीर दूसरी नौकरियों में जगह बना पाते हैं।
सरकारी भर्ती योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण और समय पर रिक्तियों की जानकारी की उपलब्धता इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी। युवाओं को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती एजेंसी की आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता और आरक्षण की शर्तें जांचनी चाहिए।
