रेलवे का नया ‘घर से घर तक’ पार्सल ऐप, अब घर बैठे होगी बुकिंग और डिलीवरी; 8 शहरों से शुरुआत
Yuva India: भारतीय रेलवे पार्सल भेजने और मंगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रेलवे जल्द ही ‘रेल पार्सल ऐप-घर से घर तक’ सेवा को आठ प्रमुख शहरों में लागू करेगा। इसके जरिए ग्राहक घर बैठे पार्सल की बुकिंग कर सकेंगे। लॉजिस्टिक्स कंपनियों के कर्मचारी ग्राहक के घर या दुकान से सामान उठाएंगे और रेलवे ट्रेन के माध्यम से उसे दूसरे शहर तक पहुंचाएगा। इसके बाद संबंधित कंपनी पार्सल को प्राप्तकर्ता के घर तक पहुंचाएगी।
इस सुविधा के शुरू होने से लोगों को पार्सल भेजने के लिए रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय जाने और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को इस सेवा के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शुरुआत में इसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे में लागू करने की योजना है। इसके बाद अनुभव और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर इसे देश के अन्य शहरों तक विस्तार दिया जा सकता है।
तीन चरणों में पहुंचेगा पार्सल
रेलवे की नई व्यवस्था में पार्सल को घर से उठाने से लेकर प्राप्तकर्ता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अलग-अलग चरणों में पूरी होगी।
पहला चरण यानी पिकअप: ग्राहक ऐप या वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर पंजीकरण करेंगे। इसके बाद पार्सल का वजन, आकार, सामग्री, भेजने वाले और प्राप्तकर्ता का पता तथा प्रस्थान और गंतव्य स्टेशन की जानकारी देनी होगी। लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता ग्राहक के घर या प्रतिष्ठान से सामान उठाकर संबंधित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएंगे।
दूसरा चरण यानी रेल परिवहन: रेलवे पार्सल को ट्रेन के जरिए गंतव्य स्टेशन तक पहुंचाएगा। इस दौरान रेल परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय रेलवे की होगी।
तीसरा चरण यानी डिलीवरी: गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के बाद लॉजिस्टिक्स कंपनी पार्सल को प्राप्त करेगी और ग्राहक की ओर से दिए गए पते पर पहुंचाएगी। इस तरह पूरी प्रक्रिया घर से घर तक होगी।
15 दिन पहले से कर सकेंगे बुकिंग
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान से अधिकतम 15 दिन पहले पार्सल की बुकिंग कर सकेंगे। उपलब्धता के आधार पर ट्रेन छूटने से एक दिन पहले तक भी बुकिंग की सुविधा रहेगी।
ऐप पर पिकअप के लिए उपलब्ध समय-स्लॉट देखे जा सकेंगे। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार घर से सामान उठाने और गंतव्य पर डिलीवरी का विकल्प चुन सकेंगे। पैकिंग और भंडारण जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी वैकल्पिक रूप से उपलब्ध होंगी।
इस व्यवस्था में ऐप पर दर्ज बुकिंग का विवरण डिजिटल फॉरवर्डिंग नोट के रूप में मान्य होगा। इससे रेल यात्रा के लिए पारंपरिक कागजी प्रक्रिया और भौतिक पार्सल वे-बिल की जरूरत नहीं रहेगी।
एक ही बार में होगा ऑनलाइन भुगतान
रेल पार्सल ऐप पर ग्राहक रेल भाड़ा, पिकअप शुल्क, डिलीवरी शुल्क और अन्य चुनी गई सेवाओं का भुगतान एक ही लेन-देन में कर सकेंगे। इसके लिए UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग जैसे विकल्प उपलब्ध होंगे।
हर पार्सल को 10 अंकों का विशिष्ट ट्रैकिंग नंबर दिया जाएगा। इसके माध्यम से ग्राहक अपने सामान की स्थिति जान सकेंगे। पार्सल ट्रेन में लोड होने, गंतव्य स्टेशन पहुंचने और डिलीवरी होने पर ऐप या पंजीकृत मोबाइल नंबर पर सूचना भेजी जाएगी। सामान प्राप्त करने वाले व्यक्ति की पहचान OTP के जरिए सत्यापित की जाएगी।
रेल परिवहन के दौरान पार्सल का मूल्य घोषित करने और रेलवे के नियमों के अनुसार बीमा कराने का विकल्प भी मिलेगा।
बुकिंग रद्द करने पर मिलेगा रिफंड
रेलवे ने बुकिंग रद्द करने के नियम भी तय किए हैं। पार्सल का पिकअप होने से पहले बुकिंग रद्द करने पर रेलवे भाड़े की राशि नियमानुसार वापस की जाएगी। हालांकि, घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी के लिए भुगतान किए गए शुल्क का रिफंड संबंधित लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता की नीति के अनुसार होगा। इसकी जानकारी बुकिंग के समय दी जाएगी।
छोटे कारोबारियों और ऑनलाइन विक्रेताओं को होगा फायदा
रेलवे की इस पहल से आम लोगों के साथ छोटे व्यापारियों, किसानों, कारीगरों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्हें सामान भेजने के लिए स्टेशन तक जाने और परिवहन की अलग-अलग व्यवस्थाएं करने की परेशानी कम होगी।
रेलवे का लक्ष्य अपनी पार्सल सेवा को अधिक सुविधाजनक और ग्राहक-केंद्रित बनाना है। फिलहाल नई ऐप आधारित व्यवस्था के शुरुआती आठ शहरों में लागू होने की तैयारी है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद सेवा शुरू होने की तारीख संबंधित रेलवे जोनों को बताई जाएगी। इसलिए ग्राहकों को ऐप की वास्तविक उपलब्धता और बुकिंग शुरू होने की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
