दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, दिवाली पर उत्तर भारत में मौसम साफ रहने की उम्मीद
Yuva India: बंगाल की खाड़ी में बने गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब पूर्वी और दक्षिणी भारत के मौसम पर दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, मौजूदा पूर्वानुमान के मुताबिक दिवाली के आसपास उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा मुरासु
मुरासु पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में सक्रिय है। इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
तूफान के प्रभाव से समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं और तटीय इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पांच राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में मौसम ज्यादा प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
तूफान के तट से टकराने के बाद इसके कमजोर होकर आगे बढ़ने की संभावना है, लेकिन इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है।
उत्तर भारत के पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर
दक्षिण भारत में चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिल रहा है, वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों में इसका असर सीमित रह सकता है। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिवाली तक मौसम सामान्यतः साफ रहने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों में बदलाव संभव है।
दिवाली के बाद बढ़ सकती है ठंड
मौसम में बदलाव के साथ उत्तर भारत में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट आ सकती है। दिन के समय धूप रहने से तापमान अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन सुबह और रात में ठंड महसूस होने लगेगी।
IMD के नवंबर महीने के मौसम आउटलुक में देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान भी जताया गया है। इसलिए ठंड बढ़ने की गति हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकती है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका वाले राज्यों में किसानों को कटी हुई फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना जरूरी है।
कुल मिलाकर, मुरासु का सबसे अधिक असर दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में देखने को मिल सकता है, जबकि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों का मौसम बदलेगा। दिवाली के आसपास मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन अंतिम स्थिति के लिए IMD के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा।
