चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में स्टार्टर से मिठाई तक अलग-अलग चरणों में परोसा जाएगा भोजन, खास बर्तनों और बेहतर सर्विस से प्रीमियम सफर का अनुभव होगा खास
Yuva India: एयर इंडिया ने बिजनेस क्लास में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भोजन परोसने का तरीका बदलने की पहल की है। एयरलाइन ने चुनिंदा लंबी और बेहद लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में रेस्टोरेंट जैसी फाइन-डाइनिंग सर्विस शुरू की है। इसके तहत यात्रियों को एक ही ट्रे में पूरा खाना देने के बजाय अलग-अलग चरणों में भोजन परोसा जाएगा। इस व्यवस्था में स्टार्टर, मुख्य भोजन और मिठाई के लिए अलग प्लेटों और खास डिजाइन वाले बर्तनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विमान में यात्रियों को अधिक आरामदायक और प्रीमियम डाइनिंग अनुभव देना है।
चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से शुरुआत
एयर इंडिया ने 22 अक्टूबर 2026 को इस नई डाइनिंग सर्विस की घोषणा की। फिलहाल इसे भारत और ब्रिटेन के बीच संचालित चुनिंदा उड़ानों में शुरू किया गया है। इनमें लंदन हीथ्रो, लंदन गैटविक और बर्मिंघम जाने वाली उड़ानें शामिल हैं।
एयरलाइन की योजना आने वाले समय में इस सुविधा का विस्तार अपने एयरबस A350, बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर और बोइंग 777-300 विमानों में करने की है। हालांकि, सुविधा का विस्तार किन-किन रूट पर और किस समय किया जाएगा, इसकी जानकारी संबंधित उड़ानों की उपलब्धता और एयरलाइन की आगे की घोषणाओं पर निर्भर करेगी।
अब एक ट्रे में नहीं, कोर्स के हिसाब से मिलेगा खाना
विमानों में आमतौर पर यात्रियों को एक ट्रे में मुख्य भोजन, सलाद, मिठाई और दूसरी चीजें एक साथ दी जाती हैं। नई व्यवस्था में इस तरीके को बदलकर रेस्टोरेंट की तरह भोजन परोसने पर जोर दिया गया है।
यात्रियों को पहले स्टार्टर, फिर मुख्य भोजन और अंत में मिठाई परोसी जाएगी। अलग-अलग व्यंजनों के लिए अलग प्लेटों और बर्तनों का इस्तेमाल होगा। टेबल पर लिनेन, मैचिंग ग्लास और बेहतर तरीके से भोजन परोसने की व्यवस्था भी इस अनुभव का हिस्सा होगी।
इसका फायदा खास तौर पर लंबी दूरी की उड़ानों में मिल सकता है, जहां यात्रियों को कई घंटे विमान में बिताने पड़ते हैं। अलग-अलग चरणों में भोजन मिलने से वे जल्दबाजी के बजाय आराम से खाने का आनंद ले सकेंगे।
‘विस्टा वर्व’ के खास बर्तनों में परोसा जाएगा भोजन
नई डाइनिंग सर्विस में एयर इंडिया के ‘विस्टा वर्व’ टेबलवेयर कलेक्शन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें स्टार्टर, मुख्य भोजन, स्नैक्स, मिठाई और चीज के लिए अलग-अलग प्लेटें शामिल हैं। खास डिजाइन वाले ग्लास और एस्प्रेसो कप भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं।
इन बर्तनों की डिजाइन में एयरलाइन की ब्रांड पहचान और भारतीय कलात्मक शैली की झलक दिखाई देती है। इस तरह एयर इंडिया भोजन के स्वाद के साथ उसकी प्रस्तुति और परोसने के तरीके को भी बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
भारतीय मेहमाननवाजी के साथ प्रीमियम अनुभव पर जोर
एयर इंडिया के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर राजेश डोगरा के अनुसार, बिजनेस क्लास में कोर्स के हिसाब से भोजन परोसने की पहल एयरलाइन के व्यापक बदलाव कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रीमियम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ भारतीय मेहमाननवाजी की गर्मजोशी को बनाए रखना है।
एयरलाइन पहले भी अपने भोजन के मेन्यू, पेय पदार्थों के विकल्प और विमान में सर्विस को बेहतर बनाने के लिए बदलाव कर चुकी है। नवंबर 2025 में घोषित इसके नए वैश्विक मेन्यू में भारतीय क्षेत्रीय व्यंजनों के साथ पैन-एशियन और यूरोपीय शैली के पकवान शामिल किए गए थे। बिजनेस क्लास में मल्टी-कोर्स भोजन और यात्रियों की पसंद के अनुरूप विकल्प भी इस बदलाव का हिस्सा रहे हैं।
एयर इंडिया की बदलती रणनीति का हिस्सा
रेस्टोरेंट जैसी डाइनिंग सर्विस एयर इंडिया की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत एयरलाइन विमान के केबिन, सीटों, भोजन और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। नए विमानों को बेड़े में शामिल करने और पुराने विमानों के इंटीरियर को आधुनिक बनाने के प्रयास भी इसी दिशा में हैं।
कुल मिलाकर, बिजनेस क्लास में नई डाइनिंग सर्विस से एयर इंडिया यात्रियों के लिए भोजन को केवल यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधा के बजाय प्रीमियम सफर के खास अनुभव के रूप में पेश करना चाहती है। फिलहाल यह सुविधा चुनिंदा भारत-ब्रिटेन उड़ानों पर उपलब्ध है, इसलिए टिकट बुक करते समय संबंधित फ्लाइट में इसकी उपलब्धता की पुष्टि करना जरूरी होगा।
