Yuva India: इस बार देश में सेब की कीमतें बढ़ने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मौसम की मार के कारण सेब उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में उत्पादन 40 से 50 फीसदी तक कम हो सकता है।
अत्यधिक बारिश और ओलावृष्टि से हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के कई सेब उत्पादक क्षेत्रों में फसल को नुकसान पहुंचा है। हिमाचल में पिछले साल करीब 4.07 लाख टन सेब का उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल यह घटकर करीब 3.87 लाख टन रहने का अनुमान है।
शोपियां और ऊपरी इलाकों में 55% तक नुकसान
जम्मू-कश्मीर के शोपियां और ऊपरी इलाकों में भी सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कुछ क्षेत्रों में फसल को 55 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां और कुलगाम में अप्रैल से जून के दौरान मौसम में बदलाव और ओलावृष्टि का असर फसल पर पड़ा।
बारिश और ओलावृष्टि के साथ-साथ पारंपरिक बागों में पेड़ों की उम्र और अन्य कारणों से भी इस साल उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे बाजार में सेब की उपलब्धता कम होने की संभावना है।
जलवायु परिवर्तन भी बना चुनौती
सेब उत्पादन पर बदलता मौसम भी असर डाल रहा है। सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए हाई डेंसिटी पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन बदलता मौसम और अनियमित बारिश बागवानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
मंडियों में भी असर
सेब की फसल कम होने से मंडियों में आवक प्रभावित हो सकती है। कारोबारियों ने बताया कि उत्पादन घटने की स्थिति में सेब की कीमतों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

