Yuva India: राजधानी दिल्ली में आए दिन होने वाले प्रदर्शनों और पुलिस बैरिकेडिंग से प्रभावित व्यापारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सेंट्रल पार्क बंद करने का नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) का आदेश गलत पाया गया, तो व्यापारियों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम से पहले एनडीएमसी द्वारा सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया गया था। इसके खिलाफ व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ ने आदेश को तुरंत चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा:
“उम्मीद है कि सभी पक्ष समझदारी दिखाएंगे। छोटे दुकानदार कड़ी मेहनत से अपनी आजीविका कमाते हैं। हम भली-भांति जानते हैं कि व्यापार ठप होने से उनके परिवारों को कितनी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।”
प्रदर्शनों से ₹2,000 करोड़ से अधिक का नुकसान
दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों का दावा है कि प्रदर्शनों और सड़कों की घेराबंदी के कारण कई दिनों तक बिक्री पूरी तरह शून्य रह जाती है।
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन: एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने कहा कि बाजारों से ग्राहक गायब हैं और व्यापारियों को अब तक लगभग ₹300 करोड़ का भारी नुकसान हो चुका है। उन्होंने मांग की कि नुकसान का आकलन कर इसकी भरपाई आयोजकों से कराई जानी चाहिए।
लाजपत नगर, ऑटो पार्ट्स एवं सरोजिनी नगर संघ: व्यापारी संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ₹2,000 करोड़ के नुकसान का दावा किया है। उन्होंने मांग की है कि त्योहारों के मौसम में प्रदर्शनों को रोका जाए और ऐसे फैसलों की घोषणा से पहले व्यापारियों की राय ली जाए।
‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के दौरान कई हिरासत में
कनॉट प्लेस में सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए। पुलिस ने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके और आइसा प्रमुख नेहा बोरा सहित लगभग 150 अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया।
अन्य प्रमुख अदालती घटनाक्रम & राजनीतिक बयानबाज़ी
- संजय राउत और निखिल वागले को अवमानना नोटिस
चीफ जस्टिस और कोर्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले को आपराधिक अवमानना कार्रवाई का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
- राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई को सहमति
12 अक्टूबर के एक मार्च के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई है।
- राजनीतिक घमासान: राजनाथ सिंह बनाम कांग्रेस
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी देश में ‘बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन’ की साजिश रच रही है और युवाओं को अराजकता की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष का काम सरकार का विरोध और पर्दाफाश करना है। चुनाव के जरिए सरकार बदलना लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है।
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा— “पुलिस हड्डियां तोड़ सकती है, लेकिन सत्याग्रह को नहीं।”
