Yuva India: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की रिलीज के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। लंबे वीकेंड के दौरान कैंची धाम की ओर जाने वाली पहाड़ी सड़क पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहनों की लंबी कतारों के चलते श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन के अनुसार, आम दिनों में कैंची धाम में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद रहती है, लेकिन 2 अक्टूबर के बाद रोजाना 35 हजार से अधिक लोगों की भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने से कैंची धाम, मुक्तेश्वर, भीमताल और आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया।
ट्रैफिक डायवर्जन पर विचार
बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन कैंची धाम जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग और नए SOP तैयार करने पर विचार कर रहा है। प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों की बैठक में मंगलवार को भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर रणनीति तय की जानी है।
प्रशासन की ओर से कैंची धाम बाईपास को भीड़ कम करने के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। करीब 18.15 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा 10.15 किलोमीटर की हिल-कटिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है। बाईपास को जोड़ने के लिए मोटर ब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म के बाद बढ़ी भीड़
भीड़ बढ़ने का एक प्रमुख कारण ‘हनुमान अंश’ फिल्म की रिलीज भी है। फिल्म भगवान हनुमान और नीम करोली बाबा के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरित बताई गई है। फिल्म के बाद कई श्रद्धालु कैंची धाम आने से पहले यहां की स्थिति की जानकारी लेने लगे हैं।
कैंची धाम में पहले छह महीनों में ही करीब 24.34 लाख लोग पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष पूरे साल में करीब 8 लाख श्रद्धालु आए थे। इससे इस धार्मिक स्थल पर बढ़ते दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पार्किंग सबसे बड़ी समस्या
कैंची धाम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या पार्किंग व्यवस्था है। सर्वे में करीब 74 प्रतिशत लोगों ने पार्किंग सुविधाओं से असंतोष जताया। मंदिर के आसपास अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और भीड़ तथा यातायात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि लंबे वीकेंड की वजह से स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण हुई थी और अब तत्काल स्थिति सामान्य हो गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप सड़क, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की
कैंची धाम के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, जाम के कारण लोगों को सामान लाने, मेडिकल जरूरतों और घर लौटने में भी परेशानी होती है।
प्रशासन का फोकस अब ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों के जरिए कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत देने पर है।

