Yuva India: नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा की तर्ज पर रजिस्ट्रेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। फिलहाल यह व्यवस्था केवल सप्ताहांत पर लागू करने की योजना है, क्योंकि शनिवार और रविवार को मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ पहुंचती है।
नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि पर्यटन विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य पहले से अनुमानित भीड़ का आकलन कर उसी के अनुसार व्यवस्था करना है।
चारधाम मॉडल की तर्ज पर बनेगा पोर्टल
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को यात्रा की तारीख, कैंची धाम के साथ-साथ आसपास के अन्य स्थानों पर जाने की जानकारी और संबंधित विवरण पहले दर्ज करना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा पंजीकरण पत्र और क्यूआर कोड दिया जाएगा।
मंदिर के प्रवेश द्वार पर निर्धारित काउंटरों पर पंजीकरण की जांच की जाएगी। पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर भौतिक रजिस्ट्रेशन और सहायता केंद्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
सप्ताहांत में लागू करने की तैयारी
प्रशासन फिलहाल इस व्यवस्था को केवल शनिवार और रविवार तक सीमित रखने पर विचार कर रहा है। जिलाधिकारी के मुताबिक, जब सामान्य दिनों की भीड़ शुरू हो जाएगी, तब व्यवस्था की समीक्षा कर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन का मानना है कि रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले से यह पता चल सकेगा कि किसी दिन कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे पार्किंग, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को उसी हिसाब से तैयार किया जा सकेगा।
25 हजार से बढ़कर 35 हजार तक पहुंची भीड़
कैंची धाम में आमतौर पर प्रतिदिन करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद रहती है। लेकिन 2 अक्टूबर से शुरू हुए लंबे सप्ताहांत में श्रद्धालुओं की संख्या करीब 35 हजार प्रतिदिन तक पहुंच गई।
अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कैंची धाम को भवाली और मुक्तेश्वर से जोड़ने वाली सड़क पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। नैनीताल, भीमताल और कैंची के बीच भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
10 किलोमीटर तक लगा लंबा जाम
प्रशासन के अनुसार कैंची धाम के आसपास करीब 10 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई थी। कई यात्राओं में सामान्य से कई घंटे अधिक समय लगा।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन अब भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ सड़क की क्षमता बढ़ाने और वैकल्पिक मार्गों पर भी काम कर रहा है।
18 किमी बाईपास को वन विभाग की मंजूरी
कैंची धाम के यातायात दबाव को कम करने के लिए रतिघाट बाईपास को भी महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है। करीब 18 किलोमीटर लंबे बाईपास के लिए वन विभाग से जरूरी अनुमति मिल चुकी है।
यह मार्ग अल्मोड़ा, रानीखेत और हल्द्वानी की ओर से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करा सकता है। इससे कैंची धाम और भवाली-मुक्तेश्वर मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
21 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पर चर्चा
बैठक में कैंची के आसपास सड़क को बेहतर बनाने और हॉट-मिक्सिंग का काम कराने के लिए करीब 21 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई है। प्रशासन के मुताबिक मंजूरी मिलने के बाद सड़क को कार्यात्मक बनाने में करीब चार से छह महीने लग सकते हैं।
मानसून के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
कैंची धाम में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष के शुरुआती छह महीनों में करीब 24.31 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या करीब 8 लाख थी।
प्रशासन ने हालिया भीड़ में बढ़ोतरी के पीछे मानसून के खत्म होने, बारिश और भूस्खलन की आशंका कम होने के साथ-साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म और नीम करौली बाबा से जुड़े कंटेंट को भी एक कारण बताया है।

