अपोलो मिशन के लिए सुरक्षित ऑनबोर्ड सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली मार्गरेट हैमिल्टन ने अंतरिक्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके काम ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग में अहम भूमिका निभाई।
Yuva India: अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और सॉफ्टवेयर इंजीनियर मार्गरेट हैमिल्टन का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने नासा के अपोलो मिशन के लिए ऑनबोर्ड फ्लाइट सॉफ्टवेयर विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया था। उनके योगदान ने अपोलो-11 मिशन के दौरान नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन की चंद्रमा पर सुरक्षित लैंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 सितंबर को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज में उनका निधन हुआ। वह अपने पीछे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विरासत छोड़ गई हैं।
अपोलो मिशन के सॉफ्टवेयर विकास में निभाई अहम भूमिका
मार्गरेट हैमिल्टन ने 1960 के दशक में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1965 में वह अपोलो परियोजना में काम करने वाली शुरुआती महिला प्रोग्रामरों में शामिल हुईं। बाद में उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
उनकी टीम ने अपोलो मिशन के लिए ऐसे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तैयार किए, जिनकी मदद से अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से चंद्रमा तक पहुंचाने और चंद्र सतह पर उतरने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया गया।
कंप्यूटर में गड़बड़ी के बावजूद मिशन को संभालने में मददगार रहा सॉफ्टवेयर
20 जुलाई 1969 को अपोलो-11 मिशन के दौरान चंद्र मॉड्यूल ईगल चंद्रमा की सतह पर उतरा। लैंडिंग से पहले ऑनबोर्ड कंप्यूटर पर कई अलार्म दिखाई दिए थे। इसके बावजूद कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर ने महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने और अनावश्यक प्रक्रियाओं को रोकने में मदद की।
इस व्यवस्था ने मिशन कंट्रोल और अंतरिक्ष यात्रियों को स्थिति संभालने में सहायता दी और चंद्रमा पर सुरक्षित लैंडिंग संभव हुई।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को नई पहचान दिलाई
मार्गरेट हैमिल्टन को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को एक महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्र के रूप में स्थापित करने में योगदान के लिए भी जाना जाता है। उनके काम ने दिखाया कि अंतरिक्ष अभियानों जैसे जटिल मिशनों में सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता कितनी जरूरी होती है।
अपोलो मिशन के अलावा उन्होंने स्काईलैब और अमेरिकी अंतरिक्ष शटल के शुरुआती डिजाइन से जुड़े कार्यों में भी योगदान दिया। बाद में उन्होंने अपनी कंपनी स्थापित की और सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में काम जारी रखा।
बराक ओबामा ने किया था सम्मानित
वर्ष 2016 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मार्गरेट हैमिल्टन को प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया था। यह अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है। यह सम्मान उन्हें अंतरिक्ष अभियानों के लिए आधुनिक और विश्वसनीय सॉफ्टवेयर विकसित करने में उनके योगदान के लिए दिया गया।
मार्गरेट हैमिल्टन की उपलब्धियां आज भी कंप्यूटर विज्ञान, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा हैं।

