Yuva India: अक्टूबर का महीना शुरू होने वाला है और इस महीने नवरात्रि, दशहरा व दिवाली जैसे कई बड़े त्योहार मनाए जाने वाले हैं। फेस्टिव सीजन (Festive Season) की शुरुआत के साथ ही आम जनता के बजट से जुड़े 5 प्रमुख वित्तीय नियमों (Financial Rules) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ये बदलाव सीधे आपकी जेब और मासिक बजट पर असर डाल सकते हैं।
अगर आप भी SBI ATM, LPG सिलेंडर, UPI पेमेंट या NPS का इस्तेमाल करते हैं, तो समय रहते इन नए नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है:
- SBI ATM नियमों में बदलाव
यदि आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है और आपके पास सैलरी अकाउंट (Salary Account) है, तो अब 1 अक्टूबर से आप दूसरे बैंक के एटीएम से महीने में केवल 5 बार ही मुफ्त लेन-देन (Free Transaction) कर पाएंगे। इससे पहले यह सीमा 10 बार थी। 5 बार के बाद ट्रांजेक्शन करने पर आपको तय शुल्क देना होगा।
ध्यान दें: इस सीमा (5 बार) में केवल पैसे निकालना ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करना और मिनी स्टेटमेंट निकालना जैसी नॉन-फाइनेंशियल सेवाएं भी शामिल हैं।
हालांकि, SBI के अपने ATM से सैलरी अकाउंट ग्राहकों को पहले की तरह अनलिमिटेड फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती रहेगी।
- LPG सब्सिडी के लिए e-KYC अनिवार्य
1 अक्टूबर से एलपीजी गैस सब्सिडी (LPG Subsidy) का लाभ उठाने के लिए बायोमेट्रिक e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है।
अगर किसी उपभोक्ता का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अधूरा रहता है, तो उसकी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।
ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को 14.2 किलोग्राम वाला सब्सिडी का सिलेंडर नहीं मिलेगा, बल्कि उसे बिना सब्सिडी वाले छोटे सिलेंडर (5 या 10 किलो) बाजार की पूरी कीमत पर खरीदने होंगे।
उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी, डिलीवरी बॉय या घर बैठे ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अपना e-KYC पूरा करवा सकते हैं।
- UPI भुगतान पर मर्चेंट MDR चार्ज
15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% का MDR (Merchant Discount Rate) चार्ज लागू होगा।
ग्राहकों के लिए राहत: यह शुल्क ग्राहकों से नहीं वसूला जाएगा, बल्कि केवल मर्चेंट्स (दुकानदारों/व्यापारियों) पर लागू होगा।
छोटे व्यापारियों को छूट: ₹1 लाख तक का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को इस नियम से छूट दी गई है। सरकार ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि MDR का कोई भी बोझ आम ग्राहकों पर न डाला जाए।
- बल्क FD (Bulk FD) की ब्याज दरें
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए दिशा-निर्देशों के तहत, 1 अक्टूबर से बैंकों को ‘बल्क फिक्स्ड डिपॉजिट’ (Bulk FD) की ब्याज दरें हर कामकाजी दिन सुबह 10:00 बजे तक ऑनलाइन प्रकाशित करनी होंगी। इसके लिए बैंकों को सुबह 10:10 बजे तक का समय मिलेगा। RBI के मुताबिक, एक ही तारीख पर जमा की गई बल्क एफडी पर दी जाने वाली ब्याज दरें पूरी तरह से समान होनी चाहिए।
- NPS खाता खोलने के शुल्क में संशोधन
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और एनपीएस लाइट (NPS Lite) के नियमों में भी बदलाव किया गया है। 1 अक्टूबर से जो ग्राहक ‘पॉइंट ऑफ प्रेजेंस’ (PoP) यानी सर्विस प्रोवाइडर के जरिए एनपीएस से जुड़ेंगे और PRAN (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) जनरेट करेंगे, उन्हें ₹200 का जॉइनिंग चार्ज (Joining Charge) देना होगा।
