Yuva India: चुनाव आयोग ने उन पात्र मतदाताओं को दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है, जिनके नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मौजूदा सूची से छूट गए हैं। यह अभियान उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा, जहां SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
BLO करेंगे घर-घर जाकर जांच
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश दिया है कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्री-SIR और मौजूदा मतदाता सूची की तुलना करें। जिन पात्र मतदाताओं के नाम पहले की सूची में थे लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं, उनकी पहचान की जाएगी।
BLO ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे और पात्र पाए जाने पर Form 6 के जरिए उनका नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद करेंगे। आयोग ने इस प्रक्रिया को करीब एक महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है।
बूथ स्तर पर लगाए जाएंगे विशेष कैंप
मतदाता नामांकन को आसान बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में SIR के दौरान छूटे मतदाताओं के अलावा पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने की सुविधा भी दी जाएगी।
SIR में 13.3 करोड़ नाम हटाए गए
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, SIR प्रक्रिया पूरी हो चुके या जारी राज्यों में अब तक करीब 13.3 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें करीब 9.5 करोड़ नाम ‘अनुपस्थित, स्थानांतरित या अन्य’ श्रेणी में, करीब 2.7 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम और लगभग 1.01 करोड़ नाम एक से अधिक बार दर्ज होने के मामलों में हटाए गए हैं।
हालांकि, इन आंकड़ों में हटाए गए सभी नामों को पात्र मतदाताओं के गलत तरीके से बाहर किए जाने के रूप में नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग का विशेष अभियान उन पात्र मतदाताओं की पहचान और पुनः नामांकन के लिए है, जो सूची से छूट गए हैं।
