Yuva India: केंद्र सरकार दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए 70 लाख अतिरिक्त विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID Card) तैयार कराने की दिशा में काम कर रही है। इन कार्डों में QR कोड समेत लाभार्थी की महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। सरकार का लक्ष्य कार्ड को आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिनों के भीतर लाभार्थी के पते तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करना है।
सरकार ने शुरू की कार्ड प्रिंटिंग और डिस्पैच की तैयारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने QR-कोड वाले UDID कार्डों की प्रिंटिंग और डिस्पैच के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने 8 सितंबर 2026 को इसके लिए आधिकारिक टेंडर जारी किया था।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्ड की छपाई, वैयक्तिकरण और डिलीवरी को एक तय प्रक्रिया के तहत तेज और सुरक्षित बनाना है। कार्ड की प्रिंटिंग और डिस्पैच किसी भी स्थिति में 15 दिन से अधिक लंबित नहीं रखने का प्रावधान प्रस्तावित व्यवस्था में है।
एक कार्ड में मिलेंगी कई जरूरी जानकारियां
UDID कार्ड को दिव्यांगजनों की पहचान और दिव्यांगता संबंधी जानकारी के एक मानकीकृत दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। कार्ड पर आम तौर पर नाम, फोटो, UDID नंबर, दिव्यांगता का प्रकार और प्रतिशत, जन्म वर्ष, कार्ड जारी होने की तारीख और वैधता जैसी जानकारी रहती है।
कार्ड के पीछे आधार नंबर, संबंधित प्राधिकरण का पता और QR कोड जैसी जानकारी भी दी जाती है। QR कोड के माध्यम से अधिकृत स्तर पर कार्ड और लाभार्थी की जानकारी सत्यापित करने में मदद मिल सकती है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में होगी आसानी
सरकार के अनुसार UDID परियोजना का मकसद देशभर में दिव्यांगजनों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ देने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। UDID कार्ड देशभर में दिव्यांगता की पहचान और सत्यापन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे अलग-अलग सरकारी विभागों में लाभार्थियों की पहचान और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से करने में मदद मिलेगी। साथ ही डुप्लीकेट रिकॉर्ड कम करने और लाभार्थी की जानकारी को डिजिटल रूप से अपडेट करने की सुविधा भी UDID प्रणाली में शामिल है।
कार्ड कैसे मिलेगा ?
UDID के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के बाद संबंधित अस्पताल या मेडिकल अथॉरिटी द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन और दिव्यांगता का आकलन किया जाता है। मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद UDID कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
कार्ड Speed Post के जरिए पंजीकृत पते पर निःशुल्क भेजा जाता है। आवेदक UDID पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकते हैं।

