Yuva India: बढ़ती उम्र के साथ शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखना हर किसी की प्राथमिकता होती है। अमेरिका के प्रसिद्ध Elder-Care रिसर्चर नील के. शाह (Neel K. Shah) के अनुसार, हम 60 साल की उम्र के बाद भी एक लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं। उन्होंने कुछ ऐसे सरल और ताकतवर संकेत साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर जीवन की संभावना और गुणवत्ता दोनों को बढ़ाया जा सकता है।
ये छोटी-छोटी गतिविधियां ऐसी हैं जिन्हें कोई भी आसानी से घर पर, पार्क में या अपने परिवार के साथ कर सकता है। आइए जानते हैं उन 6 प्रभावी तरीकों के बारे में:
- तेज और उद्देश्यपूर्ण चलना
धीरे चलने वाले लोगों की तुलना में तेज चलने वाले लोग लंबी उम्र जीते हैं।
कैसे करें: रोजाना सुबह या शाम पार्क या कॉलोनी में 20 से 30 मिनट तक तेज कदमों से टहलें। संभव हो तो परिवार के सदस्यों या दोस्तों के साथ चलें।
फायदा: इससे दिल की सेहत बेहतर होती है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं, संतुलन में सुधार होता है और गिरने का खतरा कम होता है।
- हाथों की मजबूत पकड़
हाथों की मजबूत पकड़ आपकी सेहत का आईना होती है, क्योंकि कमजोर पकड़ दिल की बीमारी से जुड़ी होती है।
कैसे करें: घर पर रबर बॉल या टॉवल को जोर से निचोड़ने का अभ्यास 5 से 10 मिनट तक करें। रोजाना सामान उठाने या बागवानी में अपने हाथों का इस्तेमाल बढ़ाएं।
फायदा: इससे शरीर की ताकत बढ़ती है, रोजमर्रा के काम आसान हो जाते हैं और हृदय संबंधी जोखिम कम होता है।
- बिना सहारे कुर्सी से उठना
बिना हाथों के सहारे कुर्सी से खड़े होना पैरों की ताकत और संतुलन से जुड़ा हुआ है।
कैसे करें: रोज कुर्सी पर बैठकर बिना हाथों के सहारे 8 से 10 बार उठने-बैठने का अभ्यास करें। फर्श से भी हाथ-घुटनों के कम सहारे से उठने का प्रयास करें।
फायदा: पैर मजबूत होते हैं और गिरने से बचाव होता है, जिससे स्वतंत्र जीवनशैली लंबे समय तक बनी रहती है।
- एक पैर पर खड़े रहना
लगभग 10 सेकंड तक एक पैर पर खड़े रहना भी लंबी उम्र का संकेत माना जाता है।
कैसे करें: दीवार या कुर्सी का सहारा लेकर रोज एक-एक पैर पर 10 से 20 सेकंड खड़े होने का अभ्यास करें। योग में वृक्षासन को भी शामिल कर सकते हैं।
फायदा: इससे गिरने का जोखिम बहुत कम हो जाता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और आत्मनिर्भरता बनी रहती है।
- सामाजिक जुड़ाव रखना
सामाजिक मेलजोल वाले लोग अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा जीते हैं।
कैसे करें: अपने पोते-पोतियों या पड़ोसियों से रोज बात करें या मिलें। इसके अलावा मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च या मस्जिद जाकर सामुदायिक गतिविधियों में भाग लें।
फायदा: इससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है, डिप्रेशन और अकेलापन दूर होता है तथा इम्युनिटी मजबूत होती है।
- दिनभर सक्रिय बने रहना
30 से 60 मिनट व्यायाम से बेहतर है कि आप दिनभर छोटे-छोटे काम करते हुए सक्रिय रहें।
कैसे करें: टीवी देखते समय हर 30 से 45 मिनट में उठकर थोड़ा घूमें। घर में बागवानी करें या लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
फायदा: मेटाबॉलिज्म सक्रिय बना रहता है, जोड़ों व मांसपेशियों में अकड़न नहीं होती और वजन भी नियंत्रण में रहता है।
निष्कर्ष: नील के शाह के अनुसार सबसे अच्छी बात यह है कि इनमें से हर एक संकेत को किसी भी उम्र में ताकतवर तरीके में बदला जा सकता है। यह भारतीय बुजुर्गों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, क्योंकि इन्हें अपने घर पर, पार्क में, मंदिर में या परिजनों के साथ आसानी से किया जा सकता है।
