Yuva India: केंद्र सरकार ने देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की GO-BARdhan योजना शुरू की है। सरकार का लक्ष्य इस योजना के तहत CBG उत्पादन को मौजूदा स्तर से करीब 10 गुना बढ़ाना, ईंधन आयात पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत करना और देश की अर्थव्यवस्था में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देना है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में योजना के औपचारिक लॉन्च के दौरान कहा कि GO-BARdhan योजना कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, खाद्य कचरे और अन्य जैविक कचरे से बनने वाले नवीकरणीय ईंधन के उत्पादन को बढ़ावा देगी।
CBG उत्पादन बढ़ाकर 4-6 मिलियन घन मीटर प्रति दिन करने का लक्ष्य
पूंजीगत सहायता और सुनिश्चित खरीद व्यवस्था से CBG उत्पादन को मौजूदा करीब 0.4 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 4 से 6 मिलियन घन मीटर प्रति दिन तक ले जाने का लक्ष्य है।
सरकार का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत करना है। वर्तमान में ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी करीब 6-7 प्रतिशत बताई गई है।
1.5 लाख से ज्यादा रोजगार का अनुमान
GO-BARdhan योजना के तहत सरकार को 1.5 लाख से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। योजना के जरिए कृषि और जैविक कचरे को ऊर्जा के नए स्रोत में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।
योजना के तहत पात्र CBG परियोजनाओं को पूंजीगत सहायता भी दी जाएगी। ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए सहायता 1.25 करोड़ रुपये प्रति टन प्रतिदिन (TPD) CBG क्षमता के हिसाब से तय की गई है।
जीवाश्म ईंधन की जगह स्वच्छ गैस पर जोर
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य जीवाश्म ईंधन की जगह स्वच्छ गैस को बढ़ावा देना है। सरकार के अनुसार, इससे करीब 1 करोड़ टन जीवाश्म ईंधन को स्वच्छ गैस से बदला जा सकता है और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, किसानों के लिए बड़ी मात्रा में जैविक खाद उपलब्ध कराने का भी लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत मौजूदा बायोगैस संयंत्रों को अपग्रेड कर CBG उत्पादन बढ़ाने के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
