Tuesday, 27 Oct 2026
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • भारत
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • स्वास्थ्य
Subscribe
Yuva India
  • होम पेज
  • विशेष
  • फ़ाइनेंस
  • मनोरंजन
  • सोशल-वायरल
    • अपराध-अनहोनी
    • खेल
    • भारत
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • विदेश
    • स्वास्थ्य
  • 🔥
  • अपराध-अनहोनी
  • भारत
  • विशेष
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • खेल
  • विदेश
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • सोशल-वायरल
  • मनोरंजन
Yuva IndiaYuva India
  • भारत
  • विदेश
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • मनोरंजन
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
Search
  • Categories
    • विदेश
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • भारत
    • स्वास्थ्य
    • खेल
Follow US
© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
भारतविशेष

चंडीगढ़ की सुखना झील को बड़ी उपलब्धि, अंतरराष्ट्रीय वेटलैंड सूची में मिली जगह

Bhawana Vats
Last updated: October 16, 2026 5:30 pm
Bhawana Vats
Share
सुखना झील
SHARE

चंडीगढ़ की सुखना झील को मिला अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा, अब संरक्षण के लिए मिल सकती है अतिरिक्त मदद

Contents
क्या होती है रामसर साइट और सुखना झील क्यों चुनी गई ?अब झील के संरक्षण पर बढ़ेगा ध्यानपर्यटन और पर्यावरण शिक्षा को भी मिल सकता है लाभसुखना झील के सामने क्या हैं चुनौतियां?चंडीगढ़ के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?

Yuva India: चंडीगढ़ के लिए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। शहर की पहचान मानी जाने वाली सुखना झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि यानी ‘रामसर साइट’ घोषित किया गया है। स्विट्जरलैंड स्थित रामसर सचिवालय ने गुरुवार देर शाम इसकी घोषणा की। इस मान्यता के साथ सुखना झील को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है और इसके संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

सुखना झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद भारत में रामसर साइटों की संख्या बढ़कर 103 हो गई है। झील को रामसर सूची में 2602वां स्थल बताया गया है। यह उपलब्धि चंडीगढ़ के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुखना झील केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण और पक्षियों के लिए भी अहम है।

क्या होती है रामसर साइट और सुखना झील क्यों चुनी गई ?

रामसर साइट उन आर्द्रभूमियों को दिया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय दर्जा है, जो जैव विविधता, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से विशेष महत्व रखती हैं। रामसर सम्मेलन की शुरुआत 1971 में ईरान के रामसर शहर में हुई थी। इसका उद्देश्य दुनिया की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों का संरक्षण करना और उनके विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है।

किसी आर्द्रभूमि को इस सूची में शामिल करने के लिए नौ अंतरराष्ट्रीय मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना होता है। इनमें दुर्लभ प्रजातियों का आवास, जलपक्षियों का महत्व, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताएं शामिल हैं।

सुखना झील को मिली मान्यता इसके पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती है। झील और इसके आसपास का क्षेत्र विभिन्न पक्षियों, वनस्पतियों तथा अन्य जीवों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। यह क्षेत्र वर्षा के पानी को संचित करने और स्थानीय पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भी भूमिका निभाता है।

अब झील के संरक्षण पर बढ़ेगा ध्यान

रामसर साइट घोषित होने के बाद सुखना झील के संरक्षण और प्रबंधन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने की जरूरत होगी। इसके अंतर्गत झील के जलस्तर, पानी की गुणवत्ता, आसपास के क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों और जैव विविधता की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।

रिपोर्ट में झील के लिए तैयार किए गए ‘इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान’ यानी एकीकृत प्रबंधन योजना का भी उल्लेख है। इसके लिए करीब 22.50 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई गई है। इस तरह की योजना का उद्देश्य झील और उसके आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र का दीर्घकालिक संरक्षण करना होता है।

हालांकि, किसी योजना की राशि या प्रस्ताव का उल्लेख अपने आप में धनराशि जारी होने का प्रमाण नहीं है। इसके वास्तविक क्रियान्वयन और मंजूरियों की जानकारी संबंधित प्रशासन से पुष्टि किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पर्यटन और पर्यावरण शिक्षा को भी मिल सकता है लाभ

रामसर का दर्जा मिलने से सुखना झील की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हो सकती है। इससे पर्यावरण पर्यटन, शोध और प्रकृति संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए यह क्षेत्र आर्द्रभूमि के महत्व और जैव विविधता को समझने का उपयोगी केंद्र बन सकता है।

हालांकि, रामसर साइट घोषित होने का अर्थ यह नहीं है कि झील के आसपास पर्यटन और निर्माण पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा या सभी गतिविधियां स्वतः बंद हो जाएंगी। इसके बजाय, विकास और पर्यटन गतिविधियों को पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित करने की आवश्यकता होगी।

सुखना झील के सामने क्या हैं चुनौतियां?

सुखना झील को लंबे समय से गाद जमने, जलस्तर में बदलाव, प्रदूषण और आसपास के क्षेत्र से आने वाले बहाव जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता रहा है। झील के संरक्षण के लिए नियमित निगरानी, जलग्रहण क्षेत्र का प्रबंधन और जैव विविधता की सुरक्षा जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय मान्यता के बाद प्रशासन पर झील के पारिस्थितिक महत्व को बनाए रखने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। विशेषज्ञों की सलाह, वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय लोगों की भागीदारी से संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है।

चंडीगढ़ के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?

सुखना झील चंडीगढ़ की प्रमुख प्राकृतिक पहचान है। रामसर साइट का दर्जा मिलने से इसके संरक्षण को वैश्विक महत्व के संदर्भ में देखा जाएगा। यह उपलब्धि तभी सार्थक होगी, जब झील की जल गुणवत्ता, प्राकृतिक आवास और जैव विविधता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।

TAGGED:BiodiversityChandigarh AdministrationChandigarh NewsEcotourismEnvironmental ConservationRamsar SiteRamsar Sites of IndiaSukhna LakeWater ConservationWetlandsआर्द्रभूमिचंडीगढ़ न्यूजचंडीगढ़ प्रशासनजल संरक्षणजैव विविधतापर्यावरण पर्यटनपर्यावरण संरक्षणभारत की रामसर साइटरामसर साइटसुखना झील
Share This Article
Email Copy Link Print
Bhawana Vats
ByBhawana Vats
Follow:
I am Bhawana Vats, a young and aspiring news professional with an interest in covering a wide range of important developments across politics, governance, society, education, business, public affairs, culture, sports and current affairs. Skilled in gathering information from official sources, press releases and credible reports and presenting it in a clear, concise and reader-friendly format. With an eye for emerging stories and issues of public interest, the focus is on accurate, timely and balanced news reporting. The role involves tracking major developments, verifying key information, developing news stories and ensuring that important issues from across the region receive appropriate coverage. The approach combines curiosity, attention to detail and an understanding of what matters to readers, with a commitment to responsible and factual journalism.
Previous Article एफसीआई में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा: 3 महीने की ट्रेनिंग के बाद हुआ खुलासा
Next Article पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई नई पार्टी ‘जननीति भारत’, 2027 का यूपी चुनाव लड़ेंगी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
Ad image

You Might Also Like

भारत

GST Reform 2026: जीएसटी अधिकारियों से छिनेगा गिरफ्तारी का अधिकार, 7 अक्टूबर की बैठक में बड़े फैसलों की उम्मीद

By Khushi Mukhija
सुखना वेटलैंड (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ ही भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट्स की संख्या बढ़कर 103 हो गई है।
भारतविशेष

सुखना और सौज झील रामसर साइट्स में शामिल

By Bhawana Vats
भारत

भाजपा में शामिल होने के लिए हमसे मिले थे अखिलेश: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

By Khushi Mukhija
भारत

प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों के लिए बड़ी राहत: सरकार ने पेश किए पूरे 30-दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान

By Deepkamal Saharan
Yuva India
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

Yuva India News


 एक भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जहां देश-दुनिया, राजनीति, समाज, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और युवाओं से जुड़े मुद्दों की ताज़ा और उपयोगी खबरें सरल भाषा में प्रस्तुत की जाती हैं। हमारा उद्देश्य है पाठकों तक तेज, स्पष्ट और जिम्मेदार पत्रकारिता पहुंचाना।

Top Categories
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • फ़ाइनेंस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • विशेष
  • सोशल-वायरल
  • स्वास्थ्य
Usefull Links
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Advertising & Sponsored Content Policy
  • Contact
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Terms and Conditions

© Yuva India News Network. All Rights Reserved.

© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?