Yuva India: हरियाणा और पंजाब के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. अब दोनों राज्यों में केवल मौसम का मिजाज ही नहीं, बल्कि खेतों और जमीन का तापमान भी आसानी से पता चल सकेगा. कृषि और बुआई को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए क्षेत्र में 19 नए ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाने की योजना है. इन स्टेशनों को इस साल दिसंबर से शुरू करने की तैयारी है.
किसानों को बुआई और फसल प्रबंधन में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों के अनुसार, जमीन का तापमान बीज के अंकुरण और फसल की वृद्धि को सीधे तौर पर प्रभावित करता है. इन वेदर स्टेशनों से मिलने वाले सटीक आंकड़ों के आधार पर वैज्ञानिक स्थानीय परिस्थितियों का बेहतर आकलन कर सकेंगे. इससे किसानों को फसलों की बुआई, उनकी देखरेख और मौसम के अनुसार कृषि गतिविधियों की सही योजना बनाने में भारी मदद मिलेगी. एक वेदर स्टेशन को स्थापित करने पर लगभग 10 लाख रुपए का खर्च आएगा.
मौसम में बदलाव से पहले जारी होगी एडवाइजरी
इन स्टेशनों से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक संयुक्त रूप से कर सकेंगे. दोनों के आपसी तालमेल से किसानों के लिए समय पर मौसम आधारित एडवाइजरी जारी की जाएगी. इससे किसानों को खेती से जुड़े अहम फैसले लेने और समय रहते फसल के नुकसान के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी. आईएमडी चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल का कहना है कि इन 19 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशनों से मिलने वाली सटीक जानकारी के आधार पर किसानों को समय पर एडवाइजरी जारी करने में मदद मिलेगी.
जानिए कहाँ-कहाँ लगेंगे ये वेदर स्टेशन
हरियाणा में 10 जगहों पर बनेंगे स्टेशन:
- कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), भिवानी
- केवीके, फतेहाबाद
- केवीके, झज्जर
- जींद
- केवीके, पानीपत
- केवीके, रोहतक
- एएमएफयू, हिसार
- एएमएफयू, कौल (कैथल)
- केवीके, नूंह
- केवीके, अंबाला
पंजाब में 9 जगहों पर बनेंगे स्टेशन:
- कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), माहिलपुर
- केवीके, रौनी
- केवीके, खेड़ी
- एएमएफयू, बठिंडा
- एएमएफयू, बल्लोवाल सौंखड़ी
- एएमएफयू, फरीदकोट
- एएमएफयू, गुरदासपुर
- एएमएफयू, लुधियाना
- सीड फार्म, उस्मान
