धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 9 महीने की बढ़त हुई गायब
Yuva India: धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है। अक्टूबर महीने में दोनों कीमती धातुओं के दाम में तेज कमी दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी की कीमतों में गिरावट सोने के मुकाबले ज्यादा रही। सोने का भाव जनवरी में बने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुका है। ऐसे में त्योहारों पर गहने और सिक्के खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार में कीमतों पर नजर रखने का मौका है।
जनवरी के रिकॉर्ड से 37,816 रुपये सस्ता हुआ सोना
24 कैरेट सोने की कीमत जनवरी 2026 में 1,75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। अब 2 नवंबर को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के शाम के बेंचमार्क रेट के अनुसार सोना 1,37,524 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। इस तरह जनवरी के रिकॉर्ड भाव से इसकी कीमत में 37,816 रुपये की कमी आई है।
हालांकि, सोने की कीमत में सालभर के आधार पर अभी भी बढ़त दर्ज की गई है। पिछले साल के आखिरी कारोबारी दिन 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके मुकाबले मौजूदा भाव करीब 3.25 प्रतिशत ऊपर है। यानी हालिया गिरावट के बावजूद साल के स्तर पर सोना पूरी तरह नुकसान में नहीं आया है।
अक्टूबर में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
अक्टूबर का महीना सोने-चांदी के बाजार के लिए कमजोर रहा। उपलब्ध IBJA आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के दौरान सोने के भाव में करीब 5.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमत लगभग 17.73 प्रतिशत नीचे आई। इससे साफ है कि इस दौरान चांदी पर दबाव सोने से ज्यादा रहा।
2 नवंबर को IBJA के शाम के बेंचमार्क रेट में 24 कैरेट सोना 1,37,524 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,79,972 रुपये प्रति किलोग्राम रही। 30 अक्टूबर के शाम के भाव से तुलना करें तो सोना 2,530 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,372 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई। ये बेंचमार्क दरें हैं; स्थानीय बाजार में ज्वेलर के हिसाब से कीमत अलग हो सकती है।
चांदी भी रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे
चांदी में भी इस साल बड़ी तेजी के बाद तेज गिरावट देखने को मिली है। जनवरी में चांदी का भाव 3,79,072 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था। इसके बाद कीमतों में लगातार कमजोरी आई और 2 नवंबर को इसका IBJA शाम का बेंचमार्क भाव 1,79,972 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।
अक्टूबर में चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए केवल कीमतों में गिरावट देखकर खरीदारी का फैसला करना उचित नहीं होगा।
गिरावट के पीछे क्या वजहें हैं?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अक्टूबर के विश्लेषण के मुताबिक, सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई थी। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, डॉलर की मजबूती और वायदा बाजार में निवेश की स्थिति में बदलाव जैसे कारणों ने सोने पर दबाव बनाया। अक्टूबर में घरेलू बाजार में कीमतें अपेक्षाकृत सीमित दायरे में रहीं।
वहीं, मनीकंट्रोल और मिंट की बाजार रिपोर्टों में भी अक्टूबर के दौरान सोने और चांदी के वायदा भाव में तेज गिरावट का जिक्र किया गया है। MCX पर अक्टूबर में सोने के वायदा भाव करीब 7 प्रतिशत और चांदी के भाव लगभग 20 प्रतिशत तक नीचे आए। अलग-अलग रिपोर्टों में गिरावट का प्रतिशत इसलिए अलग दिख सकता है, क्योंकि कुछ आंकड़े वायदा भाव और कुछ IBJA के हाजिर बेंचमार्क रेट पर आधारित हैं।
धनतेरस पर खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
धनतेरस 6 नवंबर को है। त्योहार से पहले सोने-चांदी के भाव में आई कमी से खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार में आगे कीमतें किस दिशा में जाएंगी, इसकी निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
खरीदारी करते समय 22 और 24 कैरेट सोने का अंतर समझें। गहनों की कीमत में सोने के बेस रेट के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी जुड़ते हैं। IBJA के बेंचमार्क भाव में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं होते। इसलिए दुकान पर अंतिम बिल की जानकारी जरूर लें। सोने के गहने खरीदते समय हॉलमार्क और HUID की जांच करना भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, धनतेरस से पहले सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ाई है। लेकिन खरीदारी का फैसला अपनी जरूरत, बजट और स्थानीय ज्वेलर के ताजा भाव देखकर ही करना बेहतर रहेगा।
