AI पर खर्च बढ़ा रहे भारतीय कारोबार, लेकिन सिर्फ 3% के पास पूरी तरह तैयार डेटा; तैयार कंपनियों को 6.3 गुना ज्यादा रिटर्न
Yuva India; भारत में कारोबार करने वाली कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि AI की मदद से कामकाज में सुधार होगा, लागत घटेगी और नए प्रोडक्ट व सेवाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। यही वजह है कि करीब 69 प्रतिशत भारतीय कारोबार अगले 12 महीनों में AI पर अपना खर्च बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इस तेजी के बीच एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। देश में केवल 3 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि उनका डेटा बड़े स्तर पर AI इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पूरी तरह AI-ready डेटा रखने वाली कंपनियों में मजबूत या व्यापक रिटर्न मिलने की दर, आंशिक रूप से तैयार डेटा वाली कंपनियों के मुकाबले 6.3 गुना है। इससे स्पष्ट होता है कि AI पर पैसा खर्च करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करने के लिए कंपनी के पास व्यवस्थित और भरोसेमंद डेटा होना भी जरूरी है।
69% कंपनियां बढ़ाएंगी AI पर खर्च
भारत की 69 प्रतिशत कंपनियां अगले एक साल में AI से जुड़े निवेश और खर्च में बढ़ोतरी करना चाहती हैं। इसके अलावा करीब 70 प्रतिशत कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाली तिमाही में AI नए प्रोडक्ट, सेवाएं, बिजनेस मॉडल या कामकाज में सुधार लाने में योगदान देगा।
यह संकेत है कि कंपनियां अब AI को केवल प्रयोग या तकनीकी परीक्षण तक सीमित नहीं रखना चाहतीं, बल्कि इसे अपने रोजमर्रा के कारोबार का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में 10,000 कारोबारियों और कंपनियों से जुड़े सर्वेक्षण का वैश्विक संदर्भ दिया गया है, जिसमें 32 देशों के कारोबार शामिल हैं।
सिर्फ 3% कंपनियों का डेटा पूरी तरह तैयार
भारतीय कंपनियों की डेटा तैयारी को लेकर बड़ी कमी सामने आई है। केवल 3 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि उनका डेटा बड़े स्तर पर AI इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसकी तुलना में वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 8 प्रतिशत है। यानी इस मामले में भारत वैश्विक औसत से पांच प्रतिशत अंक पीछे है।
सर्वे में 42 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने अपने डेटा को काफी हद तक तैयार बताया, जबकि 44 प्रतिशत ने इसे आंशिक रूप से तैयार माना। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में कंपनियों के पास डेटा मौजूद तो है, लेकिन उसे AI के लिए पूरी तरह उपयोगी बनाने की जरूरत है। डेटा की गुणवत्ता, अलग-अलग सिस्टम में बिखरी जानकारी और उसे सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना कंपनियों के सामने अहम चुनौतियां हैं।
30% कारोबारियों को AI से मजबूत रिटर्न
AI पर निवेश का फायदा कंपनियों को मिलने लगा है, लेकिन सभी को समान लाभ नहीं हो रहा। सर्वे के अनुसार, 30 प्रतिशत भारतीय कारोबारियों ने AI से व्यापक या मजबूत रिटर्न मिलने की बात कही। वहीं, 46 प्रतिशत कंपनियों को कारोबार के कुछ हिस्सों या चुनिंदा प्रोजेक्ट में फायदा दिखाई दिया।
पूरी तरह AI-ready डेटा रखने वाली कंपनियां आंशिक रूप से तैयार डेटा वाली कंपनियों की तुलना में मजबूत या व्यापक रिटर्न दर्ज करने की 6.3 गुना अधिक संभावना रखती हैं। इससे यह समझ आता है कि AI का वास्तविक फायदा उठाने के लिए डेटा को व्यवस्थित करना और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।
61% कंपनियां परीक्षण से आगे बढ़ीं
60 प्रतिशत से अधिक कंपनियां AI के शुरुआती प्रयोग और योजना बनाने के चरण से आगे निकल चुकी हैं। करीब 35 प्रतिशत कंपनियां अपने AI पायलट प्रोजेक्ट को वास्तविक कामकाज में लागू करने की दिशा में बढ़ा रही हैं। वहीं, 26 प्रतिशत कंपनियों ने AI को अपनी कई प्रमुख कारोबारी प्रक्रियाओं में शामिल कर लिया है।
इससे पता चलता है कि AI का इस्तेमाल अब केवल चैटबॉट या छोटे प्रयोगों तक सीमित नहीं है। कंपनियां इसे उत्पादन, सेवाओं, निर्णय लेने और रोजमर्रा के कामकाज में शामिल कर रही हैं।
कर्मचारियों की तैयारी भी बड़ी चुनौती
AI अपनाने के लिए केवल तकनीक और डेटा पर्याप्त नहीं हैं। कर्मचारियों को भी नई तकनीक के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देना जरूरी है। सर्वे में केवल 25 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की AI संबंधी तैयारी को मजबूत या बहुत मजबूत बताया। करीब आधी कंपनियों ने कर्मचारियों की क्षमता को मिला-जुला माना।
AI से जुड़े जोखिमों को पहचानने, उनकी निगरानी करने और उन्हें कम करने के मामले में भी कंपनियों का भरोसा सीमित है। केवल 29 प्रतिशत कारोबारियों ने इस क्षमता पर मजबूत या उच्च भरोसा जताया, जबकि 53 प्रतिशत ने मध्यम स्तर का भरोसा बताया।
AI से फायदा लेने के लिए डेटा और कौशल पर जोर
Dun & Bradstreet के भारत और ताइवान के प्रबंध निदेशक एवं CEO जूलियन प्रोवर के अनुसार, भारतीय कंपनियां AI अपनाने में तेजी दिखा रही हैं और निवेश से लाभ भी मिलने लगा है। अब अगला चरण AI को बड़े स्तर पर प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का है। इसके लिए भरोसेमंद डेटा, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और AI का इस्तेमाल करने में सक्षम कर्मचारियों की जरूरत होगी।
कुल मिलाकर, भारतीय कारोबार में AI निवेश का रुझान मजबूत है, लेकिन केवल तकनीक खरीदने से अपेक्षित नतीजे नहीं मिलेंगे। जिन कंपनियों के पास साफ, व्यवस्थित और भरोसेमंद डेटा होगा तथा जिनके कर्मचारी AI का सही इस्तेमाल करना जानते होंगे, उनके लिए इस तकनीक से बेहतर कारोबारी लाभ हासिल करने की संभावनाएं अधिक होंगी।
