Yuva India: केंद्र सरकार अग्निपथ योजना के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों के पहले बैच के कार्यकाल को लेकर एक बड़ा फैसला ले सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार अग्निवीरों को सेवा में एक्सटेंशन (कार्यकाल विस्तार) देने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस संबंध में पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में कई उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
21 नवंबर को पूरा हो रहा है पहला कार्यकाल
अग्निवीर योजना के तहत शामिल किए गए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल आगामी 21 नवंबर को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि सरकार सैनिकों की संख्या और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवा अवधि बढ़ाने या एक्सटेंशन देने का ऐलान कर सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि 21 नवंबर से पहले इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अग्निपथ योजना के नियम और स्थायी भर्ती
वर्ष 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के प्रावधानों के मुताबिक, तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में युवाओं को चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद इनमें से अधिकतम 25% अग्निवीरों को उनके प्रदर्शन और सेना की आवश्यकताओं के आधार पर स्थायी (परमानेंट) कैडर में शामिल किया जाता है। बाकी बचे 75% अग्निवीरों को सेवामुक्त किया जाता है, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इनमें से कुछ को एक्सटेंशन दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
वायुसेना उठा चुकी है कदम
इससे पहले पिछले महीने भारतीय वायुसेना ने अपने पहले ‘अग्निवीर वायु’ बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को सेवा में बनाए रखने का फैसला लिया था। अब अन्य सेनाओं और समग्र योजना को लेकर सरकार के संभावित निर्णयों पर पूरे देश की नजर टिकी हुई है।
