Yuva India: भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए ओडिशा तट के पास स्वदेशी क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल देश की सामरिक ताकत को एक नया आयाम देने जा रही है।
‘प्रलय‘ मिसाइल की मुख्य विशेषताएं और ताकत
दिशा बदलने की क्षमता: ‘प्रलय’ मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उड़ान के दौरान रास्ते में अपनी दिशा (trajectory) बदलने में पूरी तरह सक्षम है।
कम ऊंचाई पर उड़ान: यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है, जिससे दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे समय रहते डिटेक्ट करना या रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।
सटीक निशाना: यह एक आधुनिक शॉर्ट-रेंज क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जो सटीक निशाना साधने के मामले में अचूक मानी जाती है।
आत्मनिर्भर भारत की मजबूत पहचान
यह सफल परीक्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को और अधिक मजबूती देता है। देश में ही निर्मित इस प्रकार के अत्याधुनिक हथियार न केवल हमारी सीमाओं को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के रक्षा अनुसंधान और तकनीकी कौशल का लोहा भी मनवाते हैं।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रलय’ मिसाइल के सेना के बेड़े में शामिल होने से भारतीय सशस्त्र बलों की स्ट्राइक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और यह किसी भी संभावित खतरे से निपटने में अत्यधिक प्रभावी साबित होगी।
