अमित शाह का बड़ा दावा: BNS लागू होने के बाद FIR से सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में मिलेगा न्याय
Yuva India: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले का निपटारा तीन साल के भीतर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी।
भोपाल में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद गौपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पुरानी न्याय व्यवस्था की पहचान लंबे समय तक चलने वाले मामलों से थी। नए कानूनों का मूल मंत्र ‘न्याय, दंड नहीं’ है।
BNS, BNSS और BSA से न्याय व्यवस्था में बदलाव
शाह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) में विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। इन कानूनों में फॉरेंसिक जांच, महिला सुरक्षा, आतंकवाद, मॉब लिंचिंग और गुमशुदा बच्चों से जुड़े मामलों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून पूरी तरह लागू होने के बाद न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलेगी।
दूध उत्पादन में भारत की उपलब्धि का जिक्र
गौपालक सम्मेलन में अमित शाह ने भारत में दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 2013-14 के 307 ग्राम से बढ़कर 485 ग्राम हो गई है। भारत दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है।
शाह ने श्वेत क्रांति 2.0 के तहत 75 हजार नई सहकारी डेयरियां स्थापित करने और 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत करने की योजना का भी जिक्र किया।
नशामुक्ति अभियान पर भी जोर
शाह ने मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य भी दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए विस्तृत योजना पर काम कर रही है।

