ब्लिंकिट का ऑर्डर 79% बढ़ा, छोटे शहरों में मेट्रो जैसी खरीदारी; इंटरनल का शुद्ध लाभ 92% उछला
Yuva India: भारत में क्विक कॉमर्स यानी कुछ ही मिनटों में सामान की डिलीवरी देने वाली सेवाओं का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। ब्लिंकिट पर ऑर्डर की संख्या में तेज उछाल आया है, जबकि कंपनी की पैरेंट कंपनी जोमैटो और इंटरनल के कारोबार में भी सुधार दर्ज किया गया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में ब्लिंकिट का औसत मासिक खरीदार आधार 2.08 करोड़ से बढ़कर 3.70 करोड़ पहुंच गया। इस दौरान प्रति ऑर्डर औसत शुद्ध खरीद मूल्य लगभग 79 प्रतिशत बढ़कर 525 रुपये हो गया।
छोटे शहरों में भी क्विक कॉमर्स का चलन बढ़ रहा है। वहां ब्लिंकिट की औसत ऑर्डर वैल्यू बड़े महानगरों के 85-90 प्रतिशत के बराबर बताई गई है। इससे संकेत मिलता है कि छोटे शहरों के ग्राहक भी अब रोजमर्रा की जरूरतों का सामान ऑनलाइन मंगाने लगे हैं।
ब्लिंकिट के ऑर्डर मूल्य में 79 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जुलाई-सितंबर तिमाही में ब्लिंकिट का औसत मासिक खरीदार आधार 2.08 करोड़ से बढ़कर 3.70 करोड़ हो गया। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, प्रति ऑर्डर औसत शुद्ध खरीद मूल्य सालभर पहले के 524 रुपये से बढ़कर 525 रुपये हुआ, जबकि कुल ऑर्डर वैल्यू लगभग 79 प्रतिशत बढ़कर 39.89 करोड़ रुपये नहीं, बल्कि रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े के अनुसार 39.89 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
कंपनी की पैरेंट कंपनी इंटरनल ने अपने डिजिटल कारोबार में विस्तार के लिए विज्ञापन कंपनी एडटेक्नो में हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी भी दी है। इसके बदले उसे आवासीय सोसायटियों के प्रबंधन से जुड़ा मंच चलाने वाली कंपनी विज़िन टेक्नोलॉजीज में करीब 156 करोड़ रुपये के शेयर मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
इंटरनल का शुद्ध लाभ 92 प्रतिशत बढ़ा
इंटरनल का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 92 प्रतिशत बढ़कर 125 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, परिचालन आय में 78 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 24,138 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। समायोजित परिचालन मुनाफा 224 करोड़ रुपये से बढ़कर 666 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के पीछे ब्लिंकिट के घाटे में कमी और कारोबार के विस्तार को प्रमुख कारण बताया गया है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, ब्लिंकिट का समायोजित परिचालन परिणाम 156 करोड़ रुपये के घाटे से बदलकर 184 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंच गया।
समूह के कुल 442 करोड़ रुपये के परिचालन सुधार में ब्लिंकिट का योगदान करीब 77 प्रतिशत रहा। वहीं, जोमैटो के परिचालन मुनाफे में भी 124 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। कंपनी के मुताबिक, अधिक ऑर्डर मिलने से प्रति ऑर्डर लागत घटाने में मदद मिलती है।
नियमित ग्राहकों पर कंपनी का फोकस
ब्लिंकिट लगातार अलग-अलग श्रेणियों में खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में प्रोडक्ट विकल्प बढ़ाने के बाद मार्च तिमाही में सक्रिय ग्राहकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर एक लाख हो गई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 308 नए स्टोर जोड़े, जिससे कुल स्टोरों की संख्या 2,751 पहुंच गई।
कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक उत्पाद विकल्प उपलब्ध कराना और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ऑनलाइन खरीदारी को आसान बनाना है। छोटे शहरों में भी ग्राहक अब किराना सामान के साथ घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुएं ऑर्डर कर रहे हैं।
छोटे शहरों में बढ़ रही गोमिंग और घरेलू उत्पादों की मांग
छोटे शहरों में गोमिंग कंसोल, ब्रांडेड डायपर और अन्य महंगे उत्पादों की मांग बढ़ रही है। कई जगहों पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के नए स्टोर महानगरों जितनी तेजी से ऑर्डर पहुंचा रहे हैं। ग्राहक अब मिनटों में डिलीवरी के जरिए ऐसी वस्तुएं भी मंगवा रहे हैं, जिन्हें पहले खरीदने के लिए बाजार जाना पड़ता था।
इससे पता चलता है कि क्विक कॉमर्स कंपनियां केवल किराना और रोजमर्रा की जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू उपयोग के उत्पादों में भी विस्तार कर रही हैं।
नए शहरों में ग्राहक आधार बढ़ा
जोमैटो के औसत मासिक ग्राहकों की संख्या करीब 16 प्रतिशत बढ़कर 2.80 करोड़ हो गई। कंपनी के अनुसार, अधिक लोगों के ऑनलाइन खाना मंगाने और बार-बार ऑर्डर करने से इस वृद्धि को सहारा मिला। नए ग्राहकों में पहली बार ऑनलाइन खाना मंगाने वालों की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। इनमें कई ग्राहक कंपनी के प्रमुख आठ शहरों से बाहर के क्षेत्रों से हैं।
कुल मिलाकर, ब्लिंकिट के ऑर्डर में वृद्धि, इंटरनल के मुनाफे में सुधार और छोटे शहरों में बढ़ती मांग क्विक कॉमर्स बाजार के विस्तार की ओर संकेत करती है। हालांकि, आगे भी इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए कंपनियों को डिलीवरी लागत, प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों की बदलती जरूरतों पर ध्यान देना होगा।
