कनाडा में नौकरी का सपना देख रहे पंजाबियों को झटका, 41 में से 30 प्रमुख शहरों में LMIA आवेदन पर रोक
Yuva India: कनाडा में नौकरी करके वर्क परमिट हासिल करने की तैयारी कर रहे भारतीयों, खासकर पंजाब के युवाओं के लिए अहम खबर है। कनाडा सरकार ने कम वेतन वाली नौकरियों के लिए लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट (LMIA) आवेदनों की प्रक्रिया पर कई मेट्रो क्षेत्रों में प्रतिबंध जारी रखा है। 9 अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कनाडा के कुल 41 प्रमुख शहरों में से 30 में अब कम वेतन वाली नौकरियों के लिए पात्र LMIA आवेदनों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह व्यवस्था 8 जनवरी 2027 तक लागू रहने वाली है। इसका असर उन विदेशी कामगारों पर पड़ सकता है, जो कनाडा में कम वेतन वाली नौकरी के आधार पर नया वर्क परमिट हासिल करना चाहते हैं। पंजाब से बड़ी संख्या में युवा कनाडा में रोजगार के अवसर तलाशते हैं, इसलिए यह बदलाव उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
क्या है LMIA और क्यों जरूरी है ?
लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट यानी LMIA कनाडा की रोजगार व्यवस्था से जुड़ी एक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से यह आकलन किया जाता है कि किसी विदेशी कामगार को नौकरी देने से कनाडा के स्थानीय श्रम बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आम तौर पर कुछ परिस्थितियों में नियोक्ता को विदेशी कर्मचारी नियुक्त करने से पहले LMIA की मंजूरी लेनी पड़ती है।
कम वेतन वाली नौकरियों के लिए आवेदन करते समय नियोक्ता को संबंधित नियमों और शर्तों का पालन करना होता है। कनाडा सरकार ने बेरोजगारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कुछ मेट्रो क्षेत्रों में ऐसे आवेदनों पर रोक लगाने की व्यवस्था की है।
इसका मतलब यह नहीं है कि कनाडा में सभी प्रकार के वर्क परमिट बंद कर दिए गए हैं। प्रतिबंध मुख्य रूप से निर्धारित क्षेत्रों में कम वेतन वाली नौकरियों के लिए LMIA प्रक्रिया पर लागू होता है। अन्य श्रेणियों और पात्रता के नियम अलग हो सकते हैं।
41 में से 30 मेट्रो क्षेत्रों में प्रतिबंध
कनाडा के 41 प्रमुख शहरों में से 30 में कम वेतन वाली नौकरियों के लिए LMIA आवेदनों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे पहले की तिमाही में प्रतिबंधित क्षेत्रों की संख्या 26 थी। अब इस सूची में छह नए क्षेत्र जोड़े गए हैं, जबकि दो क्षेत्रों को प्रतिबंध से राहत मिली है।
इस बदलाव के बाद कम वेतन वाली नौकरी के आधार पर कनाडा जाने की योजना बना रहे लोगों को नौकरी और शहर चुनने से पहले नियमों की जांच करनी होगी। यदि संबंधित क्षेत्र में प्रतिबंध लागू है, तो नियोक्ता के लिए कम वेतन वाली नौकरी के आधार पर नया LMIA आवेदन आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है।
हालांकि, किसी क्षेत्र में प्रतिबंध न होने का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदन अपने आप मंजूर हो जाएगा। नियोक्ता को अन्य आवश्यक शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
किन क्षेत्रों को मिली राहत ?
दो मेट्रो क्षेत्रों को इस बार प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। ब्रिटिश कोलंबिया के कमलूप्स और चिलिवैक में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से नीचे आने के कारण राहत मिली है।
कमलूप्स में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 5.6 प्रतिशत और चिलिवैक में 6 प्रतिशत से घटकर 5.3 प्रतिशत बताई गई है। वहीं, कुछ अन्य क्षेत्रों में बेरोजगारी दर बढ़ने के कारण कम वेतन वाली नौकरियों के लिए LMIA आवेदनों पर रोक जारी है।
इससे स्पष्ट होता है कि कनाडा की यह नीति क्षेत्रीय बेरोजगारी दर के आधार पर तय की जा रही है। रोजगार की स्थिति में बदलाव आने पर प्रतिबंधित क्षेत्रों की सूची में भी संशोधन हो सकता है।
कृषि, अस्पताल और निर्माण क्षेत्र को छूट
नियमों के तहत कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छूट दी गई है। कृषि, निर्माण, अस्पतालों और नर्सिंग केयर से जुड़ी नौकरियों के लिए यह प्रतिबंध उसी तरह लागू नहीं होता, जिस तरह सामान्य कम वेतन वाली नौकरियों पर होता है।
इन क्षेत्रों में श्रमिकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, पहले से मौजूद वैध वर्क परमिट पर काम कर रहे लोगों के परमिट इन बदलावों के कारण अपने आप रद्द नहीं होंगे।
फिर भी, किसी नौकरी या वर्क परमिट की पात्रता संबंधित कार्यक्रम, नियोक्ता और आवेदन की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक नियमों की जांच करना जरूरी है।
किन शहरों में बेरोजगारी दर अधिक है ?
ओशावा में बेरोजगारी दर 9.8 प्रतिशत, चिलिवैक में 5.6 प्रतिशत और कमलूप्स में 3.6 प्रतिशत बताने वाली तालिका में आंकड़ों के क्रम को लेकर मूल समाचार की छपाई में अस्पष्टता है। इसलिए शहरवार आंकड़ों की पुष्टि कनाडा सरकार की आधिकारिक सूची से करना उचित होगा।
नीति का मुख्य आधार यह है कि जिन मेट्रो क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत या उससे अधिक है, वहां कम वेतन वाली नौकरियों के लिए LMIA आवेदन पर रोक लागू की जा सकती है। इसका उद्देश्य स्थानीय नागरिकों और स्थायी निवासियों के लिए उपलब्ध रोजगार अवसरों की रक्षा करना है।
पंजाब के युवाओं को क्या करना चाहिए ?
कनाडा जाने की योजना बना रहे युवाओं को किसी एजेंट या नियोक्ता को पैसे देने से पहले नौकरी, LMIA की स्थिति और वर्क परमिट की पात्रता की जांच करनी चाहिए। विशेष रूप से यह देखना जरूरी है कि नौकरी किस मेट्रो क्षेत्र में है और उस क्षेत्र में संबंधित श्रेणी के आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं या नहीं।

