Yuva India: जनगणना 2027 के प्रोविजनल (प्रारंभिक) आंकड़े मार्च-अप्रैल 2027 तक जारी किए जाने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के जनगणना संचालन निदेशक एवं प्रधान जनगणना अधिकारी अमित शर्मा ने यह जानकारी दी है।
लद्दाख देश का पहला केंद्रशासित प्रदेश और राज्य है, जिसने पूरी जनगणना प्रक्रिया पूरी कर ली है। देशभर में जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में पूरा होने की योजना है।
लद्दाख ने पूरी की जनगणना प्रक्रिया
लद्दाख ने बाकी देश से पहले जनगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी की है। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके साथ ही स्वतंत्र भारत में पहली बार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जातियों की भी गणना की जाएगी।
केंद्र सरकार ने संघर्ष प्रभावित मणिपुर में जनगणना प्रक्रिया को अगली घोषणा तक स्थगित कर दिया है।
बर्फीले इलाकों में भी पूरी हुई प्रक्रिया
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण भी 30 सितंबर को पूरा हो गया। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक रिविजनल राउंड आयोजित किया गया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फीले क्षेत्रों में कुल 5,292 एन्क्यूमरेशन ब्लॉक में जनगणना की गई। इनमें जम्मू-कश्मीर के 4,597 और लद्दाख के 695 ब्लॉक शामिल हैं।
पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन, फिर घर-घर गणना
बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना से पहले 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा दी गई थी। इसके बाद 1 से 30 सितंबर तक फील्ड एन्यूमरेशन किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को देखते हुए इन क्षेत्रों में जनगणना पूरी करना एक महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धि रही। इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं और संसाधन जुटाए गए।
कुछ राज्यों में नवंबर से शुरू होगा दूसरा चरण
पोल-बाउंड राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में जनसंख्या गणना (PE) चरण 16 नवंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच कराने की योजना है।
पूरे देश में जनगणना प्रक्रिया फरवरी 2027 तक पूरी होने के बाद इसके प्रारंभिक आंकड़े मार्च-अप्रैल 2027 में सामने आने की उम्मीद है।

