Yuva India: केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) के तहत शिकायत निवारण नियमों (Grievance Redressal Rules) को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत ग्रामीण रोजगार योजना के कार्यान्वयन से जुड़े किसी भी मामले में शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी और इन शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य होगा।
मई के ड्राफ्ट नियमों से कई बदलाव:
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किए गए अंतिम नियमों में मई महीने में जारी किए गए ड्राफ्ट (मसौदे) नियमों की तुलना में कई बदलाव किए गए हैं और कुछ कड़े प्रावधानों को हटा दिया गया है।
हटाए गए प्रमुख प्रावधान:
एफआईआर (FIR) का प्रावधान हटा: नियमों से उस प्रावधान को हटा दिया गया है जिसके तहत वित्तीय अनियमिताओं के प्रथम दृष्टया (prima facie) साक्ष्य मिलने पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश था।
एटीआर (ATR) रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म: इसके अलावा, समीक्षा और निगरानी के लिए स्थानीय निकाय की बैठकों में कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Reports) प्रस्तुत करने के प्रावधान को भी अंतिम नियमों से हटा दिया गया है।
नियोजित दिन का प्रस्ताव भी बाहर: मंत्रालय ने प्रत्येक सप्ताह शिकायत अधिकारियों के लिए शिकायतें प्राप्त करने हेतु किसी “नियोजित दिन” (designated day) तय करने वाले प्रस्ताव को भी ड्रॉप कर दिया है।
शिकायत दर्ज कराने के नए और आसान तरीके:
अधिसूचित ढांचे के अनुसार, ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़ी शिकायतें अब निम्नलिखित माध्यमों से दर्ज कराई जा सकती हैं:
- संबंधित नामित शिकायत निवारण अधिकारी (Grievance Redressal Officer) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से।
- स्पीड पोस्ट (Speed Post) के माध्यम से।
- केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए डिजिटल शिकायत प्लेटफॉर्म के जरिए।
- राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित टेलीफोन हेल्पलाइन या अन्य माध्यमों से।
न नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी शिकायत को केवल प्रारूप, भाषा, प्रस्तुत करने के तरीके या किसी प्रक्रियात्मक कमी के आधार पर पंजीकरण करने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
