Yuva India: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को गुरुग्राम में जलभराव और अन्य नागरिक समस्याओं के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह द्वारा पिछली कांग्रेस सरकार की गई आलोचना का समर्थन करते हुए कहा कि अब जल निकासी परियोजनाओं सहित सभी विकास कार्य पूरी गति से आगे बढ़ रहे हैं।
गुरुग्राम में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं, विशेषकर चुनाव आयोग की आलोचना करने को लेकर भी तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, “वर्तमान समय की मांग आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि तथ्यों की राजनीति है”। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने और जवाब मांगने का पूरा अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए गए आरोप ठोस सबूतों द्वारा समर्थित होने चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और विश्वसनीयता के संदर्भ में मुख्यमंत्री सैनी ने निम्नलिखित प्रमुख बातें रखीं:
- चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) जैसी संस्थाएं किसी विशेष सरकार या राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं होती हैं।
- इन संस्थाओं की विश्वसनीयता देश और इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संपत्ति है।
- इन संस्थाओं की गरिमा को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
- चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बिना किसी साक्ष्य के गंभीर आरोप लगाना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
- चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो चुनाव का संचालन करने तथा मतदाता सूचियों को तैयार और अपडेट करने के लिए जिम्मेदार है।
- विशेष सघन संशोधन (Special Intensive Revision) का जिक्र करते हुए सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है।
