Yuva India : देश में अब बिजली से चलने वाले छोटे विमानों के जरिए एयर टैक्सी, एयर एंबुलेंस, कार्गो और राहत कार्यों के लिए उड़ान भरने की तैयारी तेज हो गई है। तीन सीटों वाले छोटे विमानों के लिए, एक स्टार्टअप ने इस दिशा में पहल की है। शुरुआत में इन विमानों का इस्तेमाल नजदीकी शहरों के बीच उड़ान के लिए किया जाएगा, जिसके बाद इसका दायरा बढ़ाने की योजना है।
एआई की मदद से आसान होगी पायलट की उड़ान
इंटेलिजेंस ऑटोनॉमस एवियोनिक्स सूट (आईएएएस) की पहल के तहत कॉकपिट में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को नई प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे विमान का वजन कम होने के साथ उसका आकार भी छोटा किया जा सकेगा।
उड़ान के दौरान पायलट को जरूरी जानकारियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से स्क्रीन पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उड़ान भरने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
3000 फीट की ऊंचाई पर करीब एक घंटे की उड़ान
छोटे विमान करीब 3000 फीट की ऊंचाई पर लगभग एक घंटे तक उड़ान भरने के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इन विमानों में कैमरे और रडार समेत जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे।
ये सिस्टम एआई की मदद से विमान की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ वास्तविक समय में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। किसी बाधा की स्थिति में समय रहते जानकारी मिलने से उसका समाधान करने में भी सहायता मिलेगी।
एयर टैक्सी से राहत कार्य तक इस्तेमाल की योजना
शोध एवं विकास के क्षेत्र में काम करने वाला स्टार्टअप अगली पीढ़ी के लिए, बिजली से उड़ान भरने में सक्षम, छोटे विमानों के लिए एवियोनिक्स सूट विकसित कर रहा है। इसका वजन सामान्य प्रणालियों की तुलना में काफी कम रखने की कोशिश की जा रही है।
नई तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में एयर टैक्सी, एयर एंबुलेंस, कार्गो परिवहन और राहत कार्यों में किया जा सकता है। सेंसर और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से उड़ान के दौरान पायलट को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है।

