Yuva India: श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए हवाई सफर को और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से डिजी यात्रा (DigiYatra) सेवा का ट्रायल शुरू हो चुका है। इस नई तकनीक के आने से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर एंट्री के दौरान बार-बार टिकट दिखाने या लंबी लाइनों में खड़े होने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। मुस्कुराते ही ई-गेट खुल जाएगा और फेशियल रिकग्निशन (चेहरे की पहचान) तकनीक के जरिए सीधा प्रवेश मिलेगा।
चेहरा ही बनेगा आपका टिकट
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी पर काम करती है। इसके लिए यात्रियों को केवल एक बार अपने स्मार्टफोन में डिजी यात्रा ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप पर अपनी फोटो, आधार या अन्य जरूरी आईडी और बोर्डिंग पास को लिंक करना होगा। इसके बाद पूरे एयरपोर्ट परिसर में आपका चेहरा ही आपका डिजिटल पास बन जाएगा।
समय की होगी भारी बचत
अमृतसर एयरपोर्ट पर इस तकनीक के ट्रायल के लिए टर्मिनल पर विशेष तौर पर 3 ई-गेट लगाए गए हैं। पारंपरिक प्रक्रिया के मुकाबले डिजी यात्रा से समय की काफी बचत होगी:
एंट्री गेट: जहाँ पहले आईडी और टिकट चेक कराने के लिए 3 से 5 मिनट तक लाइन में लगना पड़ता था, वहीं अब कैमरा के सामने आते ही मात्र 5 से 10 सेकंड में चेहरे को वेरिफ़ाई कर गेट खुल जाता है।
पूरा सफर हुआ छोटा: पहले जहाँ एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक की पूरी प्रक्रिया में 30 से 35 मिनट का समय लगता था, वह अब घटकर केवल लगभग 10 मिनट रह गया है। इसमें एंट्री गेट, चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग गेट तक का सारा समय शामिल है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस महीने चलने वाले इन ट्रायल्स के दौरान यात्रियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया (Feedback) और सुझावों के आधार पर यदि कोई कमी होगी तो उसे दूर किया जाएगा। यात्रियों से मिले सकारात्मक रुझान को देखते हुए सरकार की योजना इसे साल 2027 में और बड़े स्तर पर शुरू करने की है। इस आधुनिक पहल से देश में हवाई यात्रा का अनुभव पूरी तरह से डिजिटल, सुरक्षित और पेपरलेस होता जा रहा है।
