पूर्व बंगाल सीएम ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा पर जताई आपत्ति
Yuva India : तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की वजह से नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित होते हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को चुनाव आयोग ने केंद्रीकृत किया है।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि SIR के दौरान उन विधानसभा क्षेत्रों और इलाकों में अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में TMC को जीत मिली थी। ये उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
चुनाव आयुक्तों की कानूनी सुरक्षा पर सवाल
ममता बनर्जी ने Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners (Appointment, Conditions of Service and Term of Office) Act, 2023 के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाया।
इस कानून के तहत पद पर रहते हुए या पूर्व में पद पर रहे CEC और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में किए गए कार्यों के संबंध में सिविल या आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा का प्रावधान है।
‘चुनाव हाईजैक’ करने का लगाया आरोप
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया और विपक्षी एजेंटों को मतदान केंद्रों से बाहर किया गया।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) को जलाए जाने की घटनाओं को लेकर भी भाजपा पर आरोप लगाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
2029 से पहले बदलाव के संकेत
ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को लेकर भी दावा किया कि भाजपा सरकार अपना तीसरा कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सत्ता से बाहर हो सकती है। उन्होंने कहा कि 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है और राजनीतिक बदलाव जल्द हो सकता है। यह उनका राजनीतिक आकलन है, न कि स्थापित तथ्य।
उन्होंने INDIA ब्लॉक की आगे की रणनीति और राहुल गांधी को विपक्ष का नेता बनाए जाने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष को तत्काल राजनीतिक मुद्दों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
