भारत समेत चार देशों में पात्र कर्मचारियों को मिलेगा विकल्प, आर्थिक सहायता और करियर प्लानिंग में मदद; भारतीय कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक फैसला लेने का मौका
Yuva India: दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए नई स्वैच्छिक एग्जिट योजना शुरू की है। इसके तहत भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी के करीब 60 हजार पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। कंपनी ने इस पहल को Voluntary Exit Offer (VEO) नाम दिया है। इसके तहत इच्छुक कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और करियर की आगे की योजना बनाने में मदद दी जाएगी। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं कहा है कि सभी 60 हजार कर्मचारी नौकरी छोड़ेंगे। यह संख्या योजना के लिए पात्र कर्मचारियों की है।
भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार कर्मचारी
भारत में माइक्रोसॉफ्ट के लगभग 23 हजार कर्मचारी हैं। हालांकि, इनमें से कितने कर्मचारी नई योजना के पात्र होंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। योजना सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी, बल्कि कंपनी की चुनिंदा इकाइयों और टीमों में काम करने वाले योग्य कर्मचारियों को ही इसका लाभ मिलेगा।
कंपनी की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने 26 अक्टूबर को कर्मचारियों के लिए जारी संदेश में बताया कि यह योजना उन कर्मचारियों को विकल्प देती है, जो कंपनी से बाहर करियर बनाने के बारे में सोच रहे हैं। इसके साथ ही, कंपनी बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार अपने कार्यबल में बदलाव कर सकेगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा ऑफर ?
माइक्रोसॉफ्ट के आधिकारिक संदेश के अनुसार, यह योजना कंपनी के आंतरिक जॉब ग्रेड में लेवल 70 और उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। लेकिन केवल इस स्तर पर होना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारी की टीम या विभाग का योजना में शामिल होना भी जरूरी है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कुछ संगठन इस योजना में शामिल हैं, जबकि कुछ इससे बाहर रहेंगे। किन टीमों को शामिल किया जाएगा, इसका फैसला उनकी कारोबारी प्राथमिकताओं, ग्राहकों के प्रति जिम्मेदारियों और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर होगा। पात्र कर्मचारियों को ईमेल के जरिए उनके व्यक्तिगत ऑफर की जानकारी दी जाएगी।
आर्थिक पैकेज में क्या मिल सकता है?
इस योजना के तहत कर्मचारियों को आर्थिक सहायता के साथ करियर ट्रांजिशन सेवाएं भी मिल सकती हैं। रिपोर्टों में पैकेज के संभावित स्वरूप में सेवा के प्रत्येक पूरे वर्ष के लिए एक महीने के मूल वेतन, स्वास्थ्य बीमा और नई नौकरी तलाशने में सहायता का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट के सार्वजनिक आधिकारिक संदेश में सभी कर्मचारियों के लिए पैकेज की निश्चित राशि या विस्तृत गणना नहीं बताई गई है। इसलिए वास्तविक भुगतान, बीमा की अवधि और अन्य लाभों की पुष्टि संबंधित कर्मचारी को मिले व्यक्तिगत ऑफर के आधार पर ही होगी।
भारतीय कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक फैसला लेने का मौका
भारत में पात्र कर्मचारियों को ऑफर स्वीकार करने या नहीं करने का फैसला 1 दिसंबर 2026 तक करना होगा। योजना सीमित अवधि के लिए है और इसमें शामिल होने वाले कर्मचारियों की नौकरी छोड़ने की प्रक्रिया साल के अंत तक पूरी किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
कर्मचारियों के लिए जरूरी है कि वे ऑफर की शर्तों, मिलने वाली राशि, स्वास्थ्य बीमा, अन्य लाभों और नौकरी छोड़ने की प्रभावी तारीख को ध्यान से समझें। केवल सामान्य मीडिया रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने के बजाय कंपनी की ओर से भेजे गए व्यक्तिगत दस्तावेजों की जांच करना बेहतर होगा।
एआई में भारी निवेश के बीच क्यों लिया फैसला?
माइक्रोसॉफ्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर के विस्तार पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। ऐसे में कंपनी अपने संसाधनों और कर्मचारियों की जरूरतों को कारोबारी प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने पर ध्यान दे रही है।
कंपनी ने अपने आधिकारिक संदेश में इस योजना को बदलती कार्यबल जरूरतों के अनुरूप ढलने और कर्मचारियों को अपने भविष्य के बारे में फैसला लेने का विकल्प देने की पहल बताया है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं कहा है कि यह कदम केवल एआई के कारण उठाया गया है।
क्या यह छंटनी है ?
इस योजना और अनिवार्य छंटनी के बीच अंतर समझना जरूरी है। स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर में पात्र कर्मचारी अपनी इच्छा से प्रस्ताव स्वीकार कर सकते हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी ही होगी या सभी 60 हजार पद समाप्त किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल वैश्विक टेक उद्योग में कार्यबल और कारोबारी प्राथमिकताओं में हो रहे बदलावों को दर्शाती है। भारत में इसके वास्तविक प्रभाव का पता तभी चलेगा, जब यह स्पष्ट होगा कि कितने कर्मचारी पात्र हैं और उनमें से कितने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं।
