Yuva India : गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने इस मामले में पहले दिए गए एकल न्यायाधीश के फैसले को बरकरार रखते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
क्या है मामला ?
यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने को लेकर है। इससे पहले केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने वर्ष 2016 में गुजरात विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री की डिग्री से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
हालांकि, बाद में गुजरात हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इस आदेश को रद्द कर दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील दायर की थी।
हाईकोर्ट ने क्या कहा ?
गुजरात हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि एकल न्यायाधीश के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश को निरस्त करने वाले फैसले को सही ठहराया और केजरीवाल की अपील खारिज कर दी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अपील स्वीकार करने योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।
पहले भी लगाया गया था जुर्माना
इस मामले में पहले एकल न्यायाधीश की अदालत ने केंद्रीय सूचना आयोग के निर्देश को रद्द करते हुए अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। खंडपीठ ने उस फैसले को बरकरार रखा है।
राजनीतिक और कानूनी महत्व
प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता से जुड़ा यह मामला पिछले कई वर्षों से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है। गुजरात हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस मामले में कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो गई है।

