Yuva India: आठ साल के लंबे इंतजार के बाद ओड़िशा में आयोजित हुए छात्र संघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य की 13 प्रमुख यूनिवर्सिटीज में से 8 पर RSS समर्थित ABVP ने कब्जा जमाया है। वहीं, बीजू जनता दल (BJD) समर्थित बीजू छात्र जनता दल (BCJD) ने राज्यभर में 55 से 60 प्रतिशत सीटों पर जीत का दावा किया है।
चुनाव नतीजों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ABVP के उम्मीदवारों को बधाई देते हुए इसे युवाओं के ‘राष्ट्र प्रथम’ (Nation First) के संकल्प की जीत बताया है।
युवाओं का भरोसा पीएम मोदी के साथ: सीएम मोहन माझी
ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ABVP को ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “यह जीत इस बात का प्रतीक है कि देश की युवा पीढ़ी (Gen Z) का आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी में अटूट विश्वास और भरोसा है।”
अमित शाह ने बताया ‘देशविरोधी ताकतों को करारा जवाब‘
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ABVP के प्रदर्शन को सराहा। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी (DUSU) के बाद अब ओड़िशा में मिली यह जीत साफ संदेश देती है कि देश की युवा शक्ति ‘नेविगेशन/नेशन फर्स्ट’ विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी है, न कि भ्रम और अफवाह फैलाने वाली ताकतों के साथ।
चुनाव के मुख्य आंकड़े और नतीजे
कुल भागीदारी: राज्य के 346 कॉलेजों और 13 यूनिवर्सिटीज में चुनाव आयोजित किए गए थे, जिसमें कुल 6,891 उम्मीदवार मैदान में थे।
निर्वाचित प्रतिनिधि: कुल 1,398 प्रतिनिधि चुने गए, जिनमें से 756 उम्मीदवार निर्विरोध जीते जबकि 642 सीटों पर मतदान हुआ।
ABVP का प्रदर्शन: ABVP ने उत्कल यूनिवर्सिटी (Utkal University) के पूरे पैनल पर जीत हासिल की। राज्य के 346 कॉलेजों में ABVP ने अध्यक्ष पद पर 208, उपाध्यक्ष पर 214, महासचिव (General Secretary) पर 221 और सहायक महासचिव पद पर 199 सीटों पर परचम लहराया।
BCJD और NSUI का दावा: बीजू छात्र जनता दल (BCJD) ने दावा किया कि उन्होंने प्रतिष्ठित रामादेवी महिला यूनिवर्सिटी (Rama Devi Women’s University) और रेवेनशॉ यूनिवर्सिटी (Ravenshaw University) में अध्यक्ष पद समेत राज्य के 55-60% छात्र संघों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने 30 कॉलेजों में अध्यक्ष पद जीतने का दावा किया।
चुनाव नतीजों का राजनीतिक मायने
हालांकि राज्य में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष राजनीतिक दलों के चिन्हों पर नहीं लड़े जाते, लेकिन सभी प्रमुख राजनीतिक दल उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं। ओड़िशा में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए इन पहले छात्र संघ चुनावों को राज्य की छात्र राजनीति और युवा वोट बैंक के रुख को समझने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
