उत्तर प्रदेश में 24 घंटे में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश, कई राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा; महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति
Yuva India : मानसून की विदाई के बीच देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
यूपी में 24 घंटे में सामान्य से 19 गुना ज्यादा बारिश
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। राज्य में 24 घंटे में औसतन 125.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में छह लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, ओडिशा के नौ जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया गया है। हीराकुंड बांध के 16 गेट खोले गए हैं। बलांगीर जिले में 91 गांवों के करीब 14,660 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
बारिश की वजह क्या है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी से आया मौसम तंत्र और पश्चिमी विक्षोभ एक साथ सक्रिय हुए हैं। इनके कारण मानसून की वापसी धीमी हुई है और कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।
उपग्रह तस्वीरों में भी उत्तर और मध्य भारत में मौसम के अलग-अलग रूप दिखाई दे रहे हैं। पूर्वी हिस्से में बादलों का जमावड़ा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में आसमान अपेक्षाकृत साफ है।
झारखंड में नदियां उफान पर
झारखंड में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच रहा है। 23 सितंबर से जारी बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है।
उत्तराखंड में 300 वाहन फंसे
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन के कारण करीब 300 वाहन फंस गए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी से हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। कई ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की बारिश संभव
मौसम विभाग के अनुसार पीली रेखा के पार यानी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में रविवार को हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई।
महाराष्ट्र में 74% हिस्से में सूखे का असर
देश के कुछ हिस्सों में जहां बारिश से बाढ़ के हालात हैं, वहीं महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति सामने आई है। राज्य के 358 में से 265 तालुके यानी करीब 74% हिस्से में सूखे का ऐलान किया गया है। सूखे का प्रभाव 32 जिलों तक फैला हुआ है।
राज्य में 18 सितंबर तक सामान्य 932.3 मिमी के मुकाबले 755.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 18.8% कम है।
सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए फसल ऋण में राहत, भू-राजस्व में छूट और कृषि पंपों के बिजली बिल में रियायत जैसे उपायों की घोषणा की है। फसल नुकसान का सर्वे भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
177 इलाके सूखा प्रभावित घोषित
महाराष्ट्र में 177 इलाकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। 22 सितंबर को 53 और इलाके जोड़े गए, जिनमें 51 को गंभीर सूखा प्रभावित माना गया। जून से सितंबर के दौरान राज्य में सामान्य से करीब 36% कम बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है।
