Yuva India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार तेजी से बदल रहा है। पिछले पांच वर्षों में इलेक्ट्रिक और पेट्रोल कारों की कीमतों के बीच का अंतर काफी कम हुआ है। वर्ष 2021 में दोनों तरह की कारों की कीमतों में लगभग 5.54 लाख रुपये का अंतर था, जो 2026 में घटकर करीब 1.29 लाख रुपये रह गया है। यानी पांच साल में कीमतों का यह अंतर लगभग 77 प्रतिशत तक कम हुआ है। इससे इलेक्ट्रिक कारें खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए शुरुआती कीमत का अंतर पहले के मुकाबले कम हुआ है।
कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक के बाजार में भी कीमतों का अंतर घटा है। वाहन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, नए मॉडल, बैटरी तकनीक में सुधार और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग इस बदलाव के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हालांकि, वाहन खरीदते समय ग्राहकों के लिए केवल शुरुआती कीमत ही नहीं, बल्कि चार्जिंग, रखरखाव और बैटरी की लागत पर भी ध्यान देना जरूरी है।
पेट्रोल और इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों में कितना अंतर?
2021 में पेट्रोल कार की कीमत लगभग 7.20 लाख रुपये और इलेक्ट्रिक कार की कीमत 12.74 लाख रुपये थी। इस तरह दोनों के बीच करीब 5.54 लाख रुपये का अंतर था।
2022 में पेट्रोल कार की कीमत 8.10 लाख रुपये और इलेक्ट्रिक कार की कीमत 12.89 लाख रुपये बताई गई। इस दौरान दोनों के बीच अंतर घटकर 4.79 लाख रुपये रह गया।
वर्ष 2024 में पेट्रोल कार की कीमत लगभग 8 लाख रुपये और इलेक्ट्रिक कार की कीमत 9.49 लाख रुपये रही। इससे कीमतों का अंतर घटकर 1.49 लाख रुपये हो गया। वहीं, 2026 के आंकड़ों में पेट्रोल कार की कीमत 8.28 लाख रुपये और इलेक्ट्रिक कार की कीमत 9.57 लाख रुपये बताई गई है। इस हिसाब से दोनों के बीच अंतर करीब 1.29 लाख रुपये रह गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआती कीमत पेट्रोल कारों के मुकाबले पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी हुई है। हालांकि, वास्तविक कीमत वाहन के मॉडल, बैटरी क्षमता, फीचर्स, शहर और लागू छूट के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
इलेक्ट्रिक स्कूटर भी हुए पहले के मुकाबले किफायती
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में भी कीमतों का अंतर कम हुआ है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2021 में पेट्रोल स्कूटर की कीमत करीब 69,000 रुपये थी, जबकि इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत लगभग 1.15 लाख रुपये थी। दोनों के बीच 46,000 रुपये का अंतर था।
2022 में यह अंतर घटकर 37,600 रुपये और 2023 में 33,700 रुपये रह गया। वर्ष 2024 में अंतर करीब 13,599 रुपये बताया गया। वहीं, 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल स्कूटर की कीमत 78,960 रुपये और इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 84,999 रुपये थी। इस तरह दोनों के बीच अंतर केवल 6,039 रुपये रह गया।
इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत पेट्रोल स्कूटर के करीब आने से उन ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़े हैं, जो रोजाना ऑफिस, कॉलेज या बाजार आने-जाने के लिए दोपहिया वाहन खरीदना चाहते हैं।
इलेक्ट्रिक बाइक और पेट्रोल बाइक के बीच भी घटा अंतर
इलेक्ट्रिक बाइक और पेट्रोल बाइक के बीच कीमतों का अंतर भी कम हुआ है। 2021 में पेट्रोल बाइक की कीमत लगभग 72,700 रुपये और इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत 1.25 लाख रुपये थी। दोनों के बीच करीब 52,300 रुपये का अंतर था।
2022 और 2023 में यह अंतर क्रमशः 57,700 रुपये और 58,200 रुपये रहा। इसके बाद 2024 में अंतर घटकर करीब 36,300 रुपये हो गया। वर्ष 2026 के आंकड़ों में पेट्रोल बाइक की कीमत 83,422 रुपये और इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत 1.05 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह दोनों के बीच अंतर करीब 21,578 रुपये रह गया।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के पीछे क्या कारण ?
इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के मुकाबले बिजली से वाहन चलाने की लागत कई परिस्थितियों में कम हो सकती है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों में पारंपरिक इंजन और उससे जुड़े कई पुर्जे नहीं होते, जिससे नियमित रखरखाव का खर्च भी कम हो सकता है।
वाहन कंपनियां अब अलग-अलग बजट में इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रही हैं। इससे ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प चुनने में आसानी हो रही है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से पहले घर या कार्यस्थल पर चार्जिंग की सुविधा, सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता और बैटरी वारंटी की जानकारी लेना जरूरी है।
क्या अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना फायदेमंद है ?
इलेक्ट्रिक और पेट्रोल वाहनों की शुरुआती कीमतों का अंतर कम होने से EV खरीदने पर विचार करने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। खासकर रोजाना अधिक दूरी तय करने वाले लोगों को ईंधन और रखरखाव में संभावित बचत का लाभ मिल सकता है।
फिर भी अंतिम फैसला अपनी जरूरत, वाहन की कुल कीमत, रोजाना चलने की दूरी, चार्जिंग सुविधा और बैटरी से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखकर करना चाहिए। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों और चार्जिंग नेटवर्क में होने वाले बदलाव इस बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
