Yuva India : बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर एक नई स्टडी में चौंकाने वाले निष्कर्ष सामने आए हैं। 64 देशों के करीब 28 लाख बच्चों पर की गई इस स्टडी में पाया गया कि ज्यादा स्क्रीन टाइम का संबंध बच्चों की पढ़ाई, भाषा, भावनात्मक स्थिति और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं से है। कई मामलों में इसका असर परिवार की आर्थिक-सामाजिक स्थिति या समय से पहले जन्म जैसे कारकों के बराबर या उससे भी अधिक पाया गया।
पढ़ाई से लेकर व्यवहार तक असर
स्टडी में बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल और उनके विकास से जुड़े कई पहलुओं का अध्ययन किया गया। इसके अनुसार ज्यादा स्क्रीन टाइम के साथ बच्चों में:
• पढ़ाई का कुल प्रदर्शन कमजोर होने की समस्या देखी गई।
• सीखने और बोलने में दिक्कत बढ़ी।
• बिना वजह चिंता जैसी समस्याएं सामने आईं।
• आक्रामकता और ध्यान में कमी देखी गई।
• मददगार व्यवहार में कमी आई।
• दोस्तों के साथ रिश्ते उतने मजबूत नहीं हो पाए।
बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल में गेमिंग, सोशल मीडिया और वीडियो स्ट्रीमिंग समेत अलग-अलग गतिविधियों को शामिल किया गया।
3 से 17 साल के बच्चों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल
स्टडी में सोशल मीडिया इस्तेमाल के आंकड़े भी सामने आए। 3 से 17 साल के बच्चों में इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करीब 34 प्रतिशत, टिकटॉक का 44 प्रतिशत, स्नैपचैट का 38 प्रतिशत और फेसबुक का 30 प्रतिशत पाया गया। वहीं करीब 31 प्रतिशत बच्चे किसी भी सूचीबद्ध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करते थे।
3 से 5 साल के छोटे बच्चों में भी कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल दर्ज किया गया, हालांकि उनकी हिस्सेदारी बड़े बच्चों की तुलना में कम रही।
वीडियो प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ा स्क्रीन टाइम
बच्चे टीवी की तुलना में वीडियो प्लेटफॉर्म पर भी काफी समय बिता रहे हैं। 4 से 15 साल के बच्चों में औसतन साप्ताहिक वीडियो देखने का समय YouTube पर करीब 7.07 घंटे बताया गया। एक साल में इसमें करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
वीडियो प्लेटफॉर्म के आंकड़ों में अन्य सेवाओं पर भी बच्चों के समय में बदलाव देखा गया। इस अवधि में कुछ प्लेटफॉर्म पर स्क्रीन टाइम बढ़ा, जबकि कुछ पर इसमें कमी आई।
माता-पिता के लिए बढ़ी चिंता
स्टडी के निष्कर्ष बच्चों के स्क्रीन इस्तेमाल को लेकर माता-पिता और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों के लिए अब यह सवाल भी अहम है कि बच्चों के स्क्रीन टाइम की अवधि के साथ-साथ वे स्क्रीन पर क्या देख रहे हैं और किस उम्र में देख रहे हैं, इसका उनके विकास पर क्या असर पड़ता है।
हालांकि, स्क्रीन टाइम और बच्चों के विकास के बीच संबंध को समझने के लिए बच्चे की उम्र, स्क्रीन पर देखी जाने वाली सामग्री, पारिवारिक वातावरण और अन्य सामाजिक कारकों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

