Yuva India : खाने के तेल और चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के बाद अब दालों की बढ़ती कीमतें चिंता बढ़ा रही हैं। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और मानसून में बारिश की कमी से फसल प्रभावित होने की आशंका के बीच मूंग, तुअर और मटर की कीमतों में एक महीने में 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले एक सप्ताह में ही इन दालों के दाम करीब 3-5 प्रतिशत बढ़े हैं।
मूंग सबसे ज्यादा महंगी
पिछले एक महीने में मूंग की कीमत में सबसे ज्यादा 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं तुअर दाल 6.5 प्रतिशत और मटर 6 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं।
देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी और फसलों की बुवाई को लेकर चिंता बढ़ रही है। इससे आने वाले समय में दालों की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
ऑस्ट्रेलिया से चना आयात घट सकता है
IPGA के सचिव सतीश उपाध्याय ने बताया कि बारिश की कमी के कारण रबी फसलों की बुवाई को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया से चने का आयात पिछले साल की तुलना में कम रहने की संभावना है, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में सूखे का असर
कर्नाटक और महाराष्ट्र के बड़े हिस्सों में सूखा घोषित किए जाने के बाद अरहर समेत अन्य दालों की कीमतों पर असर साफ दिखाई देने लगा है। मानसून की स्थिति और घरेलू उत्पादन आने वाले दिनों में दालों के बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
त्योहारी सीजन में दालों की मांग बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं पर महंगाई का असर और बढ़ सकता है।

