Yuva India: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच ज़बानी जंग तीखी हो गई है।
लखनऊ में ‘सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा’ के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव एक बार फिर ‘NDA 80 और PDA 20’ का मुकाबला बनने जा रहा है।
’80 बनाम 20′ पर क्या बोले सीएम योगी?
राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“कल उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव ने बता दिया कि विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। यह लड़ाई 80/20 की फिर आ गई है। 80 फीसदी NDA में हैं, और 20 फीसदी PDA में। और PDA का क्या हाल होने वाला है, यह आपके सामने आने वाला है।”
उल्लेखनीय है कि ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिया था। मुख्यमंत्री के इस बयान को विपक्षी गठबंधन पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (X) पर वीडियो शेयर करते हुए जोरदार हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा:
‘PDA’ का दमन स्वीकार किया: सीएम अपने “धमकाने वाले लहजे” में यह मान रहे हैं कि उनकी सरकार में PDA के खिलाफ हो रहे अत्याचार और अन्याय नहीं रुकेंगे।
सत्य से ध्यान भटकाने की कोशिश: लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को मिली शिकस्त के कारण पार्टी का संतुलन बिगड़ गया है, जिसके चलते ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।
सलाह: अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री को दिन-रात ‘PDA’ ही दिखता है, तो उन्हें 108 मनकों की माला लेकर ‘PDA-PDA’ का जाप करना चाहिए, जिससे उनके कुछ पाप कम हो सकें।
क्या है 80 बनाम 20 का सियासी गणित?
2022 का संदर्भ: 2022 विधानसभा चुनावों से पहले भी योगी आदित्यनाथ ने ’80 बनाम 20′ की बात कही थी, जिसे राजनीतिक हलकों में बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक आबादी के संदर्भ में देखा गया था।
योगी की सफाई: हालांकि, मीडिया इंटरव्यूज में सफाई देते हुए उन्होंने कहा था कि 80% वह जनता है जो राष्ट्रवाद और विकास (भाजपा) का समर्थन करती है, जबकि 20% वे लोग हैं जो हमेशा विरोध करते हैं।
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच बयानों का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।
