Yuva India: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन पैरा-बैडमिंटन में तुलसीमति मुरुगेसन और मानसी जोशी की जोड़ी ने महिला युगल SL3-SU5 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में बेहतरीन तालमेल, मजबूत रक्षात्मक खेल और सटीक शॉट्स के दम पर मुकाबले में बढ़त बनाई।
भारत की पैरा-बैडमिंटन टीम इस प्रतियोगिता में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। तुलसीमति और मानसी की जोड़ी से पदक की उम्मीद पहले से थी और दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से उस उम्मीद को स्वर्ण पदक में बदल दिया। इस जीत से भारतीय दल के अभियान को नई मजबूती मिली है।
तुलसीमति और मानसी की जोड़ी का शानदार प्रदर्शन
तुलसीमति मुरुगेसन और मानसी जोशी महिला युगल SL3-SU5 श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस वर्ग में खिलाड़ियों की शारीरिक दिव्यांगता के प्रकार के आधार पर मुकाबले आयोजित किए जाते हैं। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में समन्वय और रणनीति का अच्छा प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की वारिनिंग राहायु और कोनिताह इख्तियार शाकुरोह को 21-10, 21-12 से हराया था। इस जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और आगे के मुकाबलों के लिए रास्ता मजबूत हुआ।
भारत की पदक तालिका में लगातार इजाफा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के खिलाड़ी पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-तीरंदाजी, पैरा-तैराकी और पैरा-टेबल टेनिस सहित कई खेलों में पदक जीत रहे हैं। प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में पैरा-एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे अधिक पदक लाने वाला खेल रहा है।
तीरंदाज शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। मिश्रित टीम स्पर्धा में उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर भारत को शीर्ष स्थान दिलाया। वहीं, पुरुषों की ऊंची कूद में शैलेश कुमार ने स्वर्ण, वरुण सिंह भाटी ने रजत और राहुल ने कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए तीनों पदक हासिल किए।
पैरा-तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश की कुल संख्या बढ़ाने में योगदान दिया है। अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता से पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।
168 खिलाड़ियों के साथ उतरा है भारत
भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 11 खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा है। भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले संस्करण के प्रदर्शन को बेहतर बनाना और अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतना है।
इन खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने कौशल और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पैरा-बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि सही प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
भारत के कुल पदक 101 हुए, चौथे स्थान पर टीम इंडिया
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों का शतक पार कर लिया। भारतीय दल के कुल पदकों की संख्या 101 हो गई है। इसमें 26 स्वर्ण, 32 रजत और 43 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है।
भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-तीरंदाजी और अन्य खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। पैरा-एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे अधिक पदक लाने वाला खेल रहा है। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारत की नजरें पदक संख्या में और इजाफा करने पर हैं।
आगे भी पदकों की उम्मीद
प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों के सामने कई अहम मुकाबले हैं। पैरा-बैडमिंटन के अलावा पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-तीरंदाजी और पैरा-पावरलिफ्टिंग में भी भारत को पदक मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। तुलसीमति और मानसी की जोड़ी की स्वर्णिम उपलब्धि भारतीय दल के लिए बड़ी प्रेरणा है। आने वाले मुकाबलों में भारत की नजरें पदक संख्या बढ़ाने और प्रतियोगिता का समापन मजबूत प्रदर्शन के साथ करने पर रहेंगी।

