Yuva India: चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार, 22 अक्टूबर की शाम आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि घायलों की संख्या बढ़कर 76 हो गई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। भूकंप के कारण सैकड़ों मकान और पशुओं को रखने वाले शेड ढह गए हैं। कई स्थानों पर चट्टानें खिसकने से सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।
भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू शहर के बाकेन काउंटी क्षेत्र में था। यह इलाका अधिक ऊंचाई पर स्थित है और यहां कई स्थानों पर आबादी कम है। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और घायलों को चिकित्सा सहायता देने के लिए अभियान तेज कर दिया है।
339 मकान और 20 पशु शेड ढहे
स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भूकंप के कारण कम से कम 339 मकान और 20 पशु शेड ढह गए। कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जिन मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं या जो झुक गए हैं, वे बाद के झटकों के दौरान गिर सकते हैं।
घायलों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। स्थानीय अधिकारियों के बाद के अपडेट के अनुसार, घायलों की संख्या 76 तक पहुंच गई। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। बचाव दल प्रभावित गांवों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और जरूरतमंद लोगों की तलाश की जा रही है।
1,600 से अधिक कर्मी राहत अभियान में जुटे
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। 1,600 से अधिक कर्मियों को राहत कार्यों में लगाया गया है। पुलिस, दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद कर रही हैं।
प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास, टेंट, फोल्डिंग बेड, टॉर्च और गर्म कपड़ों जैसी जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत सामग्री में करीब 3,000 टेंट और 1,000 अस्थायी आवास इकाइयां शामिल होने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों को अस्पताल पहुंचाना और बेघर हुए परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की भी सलाह दी है।
सड़क और रेल सेवाओं पर असर
भूकंप के कारण कुछ इलाकों में संचार सेवाएं बाधित हुई हैं। स्थानीय रेल अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर रेल सेवाओं को रोकने के कदम उठाए। इसके अलावा, चट्टानें खिसकने से राष्ट्रीय राजमार्ग-317 के एक हिस्से पर आवाजाही प्रभावित हुई है। वहां बचाव और राहत वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सड़क मार्ग बाधित होने से राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित गांवों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। प्रशासन मलबा हटाने और रास्तों को सुरक्षित बनाने में जुटा है।
बर्फबारी से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
भूकंप प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों के दौरान रुक-रुककर बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया गया है। ऐसे में खुले स्थानों या अस्थायी शिविरों में रह रहे लोगों के सामने ठंड से बचाव की चुनौती बढ़ सकती है। बर्फबारी और फिसलन से बचाव दलों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।
राहत एजेंसियों के लिए समय पर गर्म कपड़े, अस्थायी आश्रय और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।
भूकंप के बाद लगातार निगरानी
भूकंप के बाद अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच तेज कर दी है। बाद के झटकों की आशंका को देखते हुए क्षतिग्रस्त इमारतों की निगरानी की जा रही है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मृतकों तथा घायलों की संख्या में बदलाव संभव है। राहत कार्य पूरा होने और नुकसान का विस्तृत आकलन सामने आने के बाद ही भूकंप से हुई कुल क्षति की स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।

