Yuva India : ब्रिटेन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट आने की आशंका जताई गई है। ब्रिटेन की सख्त वीजा नीतियों और विदेशी छात्रों को लेकर बदलते माहौल के कारण 2027 में भारतीय छात्रों की संख्या करीब 20 फीसदी तक कम हो सकती है।
83 हजार से घटकर 63 हजार तक पहुंच सकती है संख्या
इस साल सितंबर तक ब्रिटेन में भारतीय छात्रों को करीब 83 हजार स्टूडेंट वीजा जारी किए गए थे। अगले साल यह संख्या घटकर करीब 63 हजार रहने की आशंका जताई गई है।
ब्रिटेन में भारतीय छात्रों की संख्या में कमी का असर वहां की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। भारतीय छात्रों की संख्या कम होने से ब्रिटेन को सालाना करीब 10 हजार करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका है।
जर्मनी, फ्रांस और आयरलैंड बन रहे विकल्प
ब्रिटेन की वीजा नीतियों में सख्ती के बीच भारतीय छात्रों के लिए जर्मनी, फ्रांस और आयरलैंड जैसे देश नए विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। इन देशों में भारतीय छात्रों के लिए स्टूडेंट वीजा और शिक्षा से जुड़े अवसर आकर्षक बने हुए हैं।
जर्मनी में सरकारी विश्वविद्यालयों में फीस में छूट जैसी सुविधाएं भी छात्रों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा इन देशों में स्टूडेंट वीजा की अप्रूवल दर भी अधिक बताई गई है।
ब्रिटेन की सख्त वीजा नीति बनी चिंता
ब्रिटेन में पिछले कुछ समय से विदेशी छात्रों और प्रवासियों को लेकर नीतियों में सख्ती देखने को मिली है। नई वीजा नीतियों का असर भारतीय छात्रों के ब्रिटेन जाने के फैसले पर पड़ सकता है।
ग्रेजुएट वर्क वीजा की अवधि घटाए जाने का भी जिक्र किया गया है। पहले जहां यह अवधि दो साल थी, वहीं अब इसे डेढ़ साल किया गया है। इससे ब्रिटेन में पढ़ाई के बाद नौकरी और रिसर्च करने की योजना बनाने वाले छात्रों के लिए उपलब्ध समय कम हो गया है।
डिपेंडेंट वीजा में भी सख्ती
ब्रिटेन में छात्रों और प्रोफेशनल्स के डिपेंडेंट वीजा को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। इसका असर उन भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है जो अपने परिवार के सदस्यों को साथ ले जाने की योजना बनाते हैं।
डिपेंडेंट वीजा में सख्ती के कारण छात्रों और प्रोफेशनल्स के परिवारों के लिए ब्रिटेन जाना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है।
कई ब्रिटिश यूनिवर्सिटी बजट संकट से जूझ रहीं
भारतीय छात्रों की संख्या में संभावित गिरावट के बीच ब्रिटेन की कई यूनिवर्सिटीज के बजट पर भी दबाव बढ़ने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश विश्वविद्यालयों को विदेशी छात्रों से बड़ी मात्रा में फीस मिलती है।
कुछ विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों की फीस ब्रिटिश छात्रों की तुलना में काफी अधिक है। ऐसे में भारतीय छात्रों सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर विश्वविद्यालयों की आय प्रभावित हो सकती है।
भारत में ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटियों के कैंपस
वीजा नियमों में सख्ती के बीच ब्रिटेन की 9 यूनिवर्सिटियों ने भारत में अपने कैंपस खोलने की घोषणा की है। इनमें कुछ विश्वविद्यालयों में पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है।
इससे भारतीय छात्रों को ब्रिटेन गए बिना वहां की यूनिवर्सिटी से जुड़ी शिक्षा हासिल करने का विकल्प मिल सकता है। आने वाले समय में ब्रिटेन की अन्य यूनिवर्सिटियां भी भारत में कैंपस खोल सकती हैं।
