Tuesday, 27 Oct 2026
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • भारत
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • स्वास्थ्य
Subscribe
Yuva India
  • होम पेज
  • विशेष
  • फ़ाइनेंस
  • मनोरंजन
  • सोशल-वायरल
    • अपराध-अनहोनी
    • खेल
    • भारत
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • विदेश
    • स्वास्थ्य
  • 🔥
  • अपराध-अनहोनी
  • भारत
  • विशेष
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • खेल
  • विदेश
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • सोशल-वायरल
  • मनोरंजन
Yuva IndiaYuva India
  • भारत
  • विदेश
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • मनोरंजन
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
Search
  • Categories
    • विदेश
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • भारत
    • स्वास्थ्य
    • खेल
Follow US
© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
भारत

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ‘बच्चों के लिए भी इंटरनेट एक्सेस एक मौलिक अधिकार’

Khushi Mukhija
Last updated: October 17, 2026 4:44 pm
Khushi Mukhija
Share
SHARE

Yuva India: सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों के इंटरनेट और सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर चल रही बहस पर एक अहम और ऐतिहासिक टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) के तहत इंटरनेट का उपयोग और उस तक पहुंच बच्चों का भी मौलिक अधिकार (Fundamental Right) है।

अदालत ने कहा कि बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह वंचित करना उनके मौलिक अधिकारों को छीनने जैसा है।

सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों बच्चों का हक: शीर्ष अदालत

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि “हमारे बच्चों की सुरक्षा और उनकी स्वतंत्रता एक-दूसरे के विपरीत नहीं हैं। हमारे बच्चे इन दोनों के हकदार हैं।”

कोर्ट ने टिप्पणी की कि बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल से पूरी तरह से रोक देना उतना ही बेतुका (absurd) होगा, जितना यह सलाह देना कि उनके पास रक्षा करने लायक कोई अंतरात्मा (conscience) नहीं है या व्यक्त करने योग्य कोई अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है।

इंटरनेट: रचनात्मक अभिव्यक्ति और सीखने का जरिया

सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट को विचारों, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सूचनाओं का एक बड़ा माध्यम (Marketplace of Ideas) बताया।

दूरदराज के इलाकों के बच्चों के लिए सहारा: पीठ ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए इंटरनेट अक्सर शिक्षा और जानकारी प्राप्त करने का एकमात्र जरिया होता है।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मददगार: दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ऑनलाइन स्पेस एक ऐसा माध्यम प्रदान करता है जहाँ वे साथी तलाश सकते हैं और समान परिस्थितियों वाले लोगों से जुड़ सकते हैं।

‘पूर्ण प्रतिबंध‘ (Blanket Restrictions) को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अवधारणा को खारिज कर दिया:

  1. कानून से बच्चे इंटरनेट बंद नहीं करेंगे: कोर्ट ने माना कि सिर्फ सख्त कानून बनाने से बच्चे इंटरनेट चलाना बंद नहीं करेंगे, बल्कि वे बिना नियमन (unregulated) वाले असुरक्षित प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो सकते हैं, जिससे उन पर और बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
  2. शिकायत करने से डरेंगे बच्चे: यदि इंटरनेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, तो ऑनलाइन उत्पीड़न या शोषण का शिकार होने वाले बच्चे डर के मारे अपने माता-पिता या अभिभावकों से इसकी शिकायत भी नहीं कर पाएंगे।
  3. मध्यस्थों (Intermediaries) की विफलता की सजा बच्चों को नहीं: कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट आज के समय में बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, लेकिन अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हानिकारक कंटेंट को रोकने या हटाने में विफल रहते हैं, तो इसकी सजा बच्चों को इंटरनेट से दूर रखकर नहीं दी जा सकती। ऐसा करना पीड़ित को ही समस्या मानने जैसा होगा।

ऑनलाइन बाल यौन शोषण (CSEAM) के खिलाफ सख्त निर्देश

यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM – Child Sexual Exploitation and Abuse Material) की निगरानी करने और उसे तुरंत हटाने के कानूनों को और मजबूत तथा सख्त करने के निर्देश जारी करते हुए दी है।

TAGGED:accesschildrenfindamentalinternetright
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article बांग्लादेश हादसा: कॉक्स बाजार के सीसाइड रिसॉर्ट में भीषण आग, 10 लोगों की मौत, 9 झुलसे
Next Article ओडिशा छात्र चुनाव: ABVP की जीत पर अमित शाह का बड़ा बयान
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
Ad image

You Might Also Like

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख बल्लेबाज स्मृति मंधाना
भारतखेल

स्मृति मंधाना का सफलता मंत्र: 30 मिनट से ज्यादा चिंता नहीं

By Bhawana Vats
भारत

NEET-UG पेपर लीक मामला: पुणे में ‘चाय की टपरी’ चलाने वाला निकला आरोपी, CBI ने दाखिल की चार्जशीट

By Khushi Mukhija
भारतस्वास्थ्य

दिल्ली-एनसीआर  में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही लगेंगी पाबंदियां, नया ग्रैप शेड्यूल लागू

By Deepkamal Saharan
Mirabai Chanu
भारतखेल

12 साल का इंतजार खत्म, मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में जीता पदक

By Bhawana Vats
Yuva India
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

Yuva India News


 एक भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जहां देश-दुनिया, राजनीति, समाज, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और युवाओं से जुड़े मुद्दों की ताज़ा और उपयोगी खबरें सरल भाषा में प्रस्तुत की जाती हैं। हमारा उद्देश्य है पाठकों तक तेज, स्पष्ट और जिम्मेदार पत्रकारिता पहुंचाना।

Top Categories
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • फ़ाइनेंस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • विशेष
  • सोशल-वायरल
  • स्वास्थ्य
Usefull Links
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Advertising & Sponsored Content Policy
  • Contact
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Terms and Conditions

© Yuva India News Network. All Rights Reserved.

© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?