Yuva India: भारत की एथलीट विथ्या रामराज ने एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है। तमिलनाडु में जन्मीं विथ्या ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles) में भारत की महान एथलीट पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया।
पीटी उषा का ऐतिहासिक रिकॉर्ड किया ध्वस्त
सोमवार (28 सितंबर) को खेले गए मुकाबले में विथ्या रामराज ने 54.75 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत का सबसे लंबे समय से चला आ रहा एथलेटिक्स का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड पीटी उषा के नाम दर्ज था, जिन्होंने 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 55.42 सेकंड का समय निकाला था।
गौरतलब है कि इससे पहले 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में विथ्या ने पीटी उषा के इस रिकॉर्ड की बराबरी करके कांस्य पदक जीता था।
स्वर्ण पदक से चूकीं, यूएई की मरियम ने जीता गोल्ड
मुकाबले के दौरान विथ्या ने अपने पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंच गई थीं। हालांकि, यूएई की मरियम करीम ने 54.31 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि कजाकिस्तान की एडेलिना ज़ेम्स ने 54.58 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया।
जानिए कौन हैं विथ्या रामराज?
जन्म और शुरुआती जीवन: विथ्या रामराज का जन्म 20 सितंबर 1998 को कोयंबटूर, तमिलनाडु में हुआ था। वह 400 मीटर स्प्रिंट और बाधा दौड़ (Hurdles) में माहिर हैं।
संघर्ष से सफलता तक: एक साधारण परिवार में पली-बढ़ी विथ्या की खेल यात्रा तब शुरू हुई जब उनकी माँ ने उन्हें और उनकी जुड़वां बहन नित्या को इरोड के एक स्पोर्ट्स हॉस्टल में दाखिला दिलाया।
मुश्किल दौर का सामना: स्पोर्ट्स कोटा के तहत बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री पूरी करने के बाद 2018 में वे पटियाला में राष्ट्रीय एथलेटिक कैंप में शामिल हुईं। शुरुआत में भाषा की समस्या, बीमारी और अपेंडिसाइटिस की सर्जरी के कारण उनकी ओलंपिक ट्रायल की तैयारियां प्रभावित हुईं।
कोच की सलाह से बदला करियर: माता-पिता के खेल छोड़कर पारंपरिक नौकरी करने के दबाव के बावजूद विथ्या डटी रहीं। 2022 में वह चेन्नई आकर अपने कोच नेहपाल सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने लगीं। कोच की सलाह पर उन्होंने फ्लैट स्प्रिंट छोड़कर हर्डल्स (बाधा दौड़) पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने उनके करियर को एक नया मोड़ दिया।
प्रमुख उपलब्धियां:
- 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज और मिक्स रिले में सिल्वर मेडल जीता।
- नित्या और विथ्या एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली जुड़वां बहनें बनीं।
- 2024 पेरिस ओलंपिक की रिले टीम का हिस्सा रहीं और 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
